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Kanpur Violence Updates: शत्रु संपत्तियों की कमाई पाकिस्तान पहुंचाई, सात उपद्रवियों की मिली लोकेशन, जानिए और क्या नया है

Sat, 16 Jul 2022 07:24 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर हिंसा  की जांच में लगातार नए खुलासों के साथ नई परतें खुल रहीं हैं। इससे मुख्तार बाबा, वसी, हयात और उससे जुड़े लोगों के कारनामे सामने आ रहे हैं। तो वहीं, प्रशासन सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। 
 
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मुख्तार बाबा - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में शहर की शत्रु संपत्तियों पर अवैध कब्जे और फर्जी तरीके से सौदा कर रकम हवाला के जरिये पाकिस्तान भेजने का मामला सामने आया है। नई सड़क बवाल मामले की चल रही जांच में ये परतें खुलकर सामने आ रही हैं। सबसे ज्यादा मामले बवाल में आरोपी बनाए गए मुख्तार बाबा से जुड़े बताए जा रहे हैं। पता चला है कि शहर में जितनी भी शत्रु संपत्तियां हैं, उसमें ज्यादातर में मुख्तार का दखल है।

बशीर इस्टेट की जिस संपत्ति को शत्रु संपत्ति घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, उसे भी मुख्तार और उससे जुड़े लोगों ने फर्जी तरीके से बेचकर बड़ी रकम हासिल की है। बताया जा रहा है कि बशीर इस्टेट पाकिस्तान में बसे शाहिद हलीम की संपत्ति है, जिसका निधन 2007 में पाकिस्तान में हो गया था। उसके बाद मुख्तार ने इस इस्टेट की जमीन को अपनी पत्नी और बेटियों के नाम करा लिया। 

इसके बदले शाहिद के परिवार को हवाला के जरिये रकम पहुंचाई गई। यह भी बताया जा रहा है कि रकम वाया दुबई होते हुए पाकिस्तान भेजी गई। इसी संबंध में जांच करने के लिए पिछले दिनों ईडी की तरफ से जिला प्रशासन को एक पत्र भेजकर मुख्तार की अवैध संपत्तियों से जुड़े कागजात मांगे हैं। ईडी अपने स्तर भी मुख्तार के साम्राज्य के बारे पता लगा रही है।
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नई सड़क पर पथराव करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली और मेरठ में मिली सात उपद्रवियों की लोकेशन, टीम रवाना
नई सड़क पर हुए बवाल के मामले में फरार सात उपद्रवियों की लोकेशन दिल्ली और मेरठ में मिली है। एसआईटी ने उनकी गिरफ्तारी के लिए दो टीमें रवाना कर दी हैं। वहीं वीडियो के माध्यम से 17 और आरोपियों की पहचान की गई है। साथ ही फरार अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। एसआईटी इस मामले में अब तक 62 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। 
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कानपुर में हिंसा - फोटो : अमर उजाला
फरार 18 उपद्रवियों अफजाल उर्फ जावेद कुरैशी, सबलू उर्फ एजाजुद्दीन, अकील खिचड़ी, परवेज उर्फ चिकना, इखलाक अहमद, शहरयान, मोहम्मद आजाद, शेरा, सफी, अलीशान, सैय्यद अब्दुल हई हाशमी, सरवर आलम, मुख्तार बाबा का बेटा महमूद उमर, हमजा, मोहम्मद राशिद, अब्दुल शकील, जिशान एवेंजर्स और इशरत अली के खिलाफ एसआईटी ने गैर जमानती वारंट निकाला था। सभी आरोपी शहर छोड़कर फरार हो गए थे। इसमें से एसआईटी ने सर्विलांस के जरिये सात उपद्रवियों की लोकेशन ट्रेस कर ली है। चार की लोकेशन दिल्ली में और तीन की मेरठ में मिली है। 

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पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा - फोटो : सोशल मीडिया
फरार आरोपियों में कुछ की लोकेशन मिल गई है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फरार आरोपी तय समय पर अगर कोर्ट में हाजिर नहीं हुए तो कुर्की की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।  -आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर
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उत्तर प्रदेश पुलिस में नौकरी
बाबा को क्लीन चिट देने वाले अफसरों पर लटकी कार्रवाई की तलवार
राम जानकी मंदिर पर कब्जा कर बिरयानी की दुकान चलाने के आरोपी मुख्तार अहमद उर्फ बाबा के खिलाफ दर्ज दो रिपोर्ट की जांच आगे बढ़ रही है। मंदिर की जमीन को कब्जाने के मामले में बाबा को क्लीन चिट देने वाले अफसरों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। पुलिस ने प्रशासन से उन दोनों ही जांच रिपोर्ट की प्रति मांगी है, जिनमें बाबा को यह कहते हुए क्लीन चिट दी गई थी कि मंदिर वाली संपत्ति पर गुप्ता परिवार का निजी मंदिर था।
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कानपुर में पथराव और हिंसा - फोटो : अमर उजाला
मामले में दो बार अलग-अलग स्तर पर जांच कराई गई। एक जांच एसीएम स्तर के अधिकारी ने की, जबकि दूसरी बार तीन प्रशासनिक अफसरों की संयुक्त कमेटी ने जांच के बाद बाबा को क्लीन चिट दी थी। इस मामले में एक सीओ स्तर के पुलिस अधिकारी की भी भूमिका की जांच की जा रही है। प्रशासन के अधिकारी जांच रिपोर्टों को तलाश रहे हैं। रिपोर्ट में अध्ययन किया जाएगा कि आखिर किन तथ्यों के आधार पर क्लीन चिट दी गई। मंदिर होने और उसके जर्जर होने के बीच बिरयानी बेचने की बात सही पाई गई है। ऐसे में पुलिस सभी तथ्यों की फोरेंसिक व हैंड राइटिंग एक्सपर्ट से जांच करा सकती है।
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सांकेतिक - फोटो : सोशल मीडिया
हिस्ट्रीशीटर अकील खिचड़ी व पांच अन्य की जमानती अर्जी खारिज
नई सड़क बवाल में रुपये देकर ईंट-पत्थर चलाने के लिए लड़कों को इकट्ठा करने के आरोपी कर्नलगंज के गम्मू खां का हाता निवासी हिस्ट्रीशीटर अकील खिचड़ी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज हो गई है। इसके अलावा अपर जिला जज 16 जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने पांच अन्य आरोपियों की 15 जमानत अर्जियां भी खारिज की हैं। 

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सांकेतिक - फोटो : सोशल मीडिया
एडीजीसी दिनेश अग्रवाल ने कोर्ट में तर्क रखा कि बंदी की आड़ में बिल्डर हाजी वसी और मुख्तार बाबा ने चंद्रेश्वर हाता कब्जाने की रणनीत बनाई थी। इसी के तहत डी-2 गैंग के अफजाल को दस लाख रुपये बयाना दिया गया और हाते पर कब्जे के बाद एक करोड़ रुपये देने का वादा किया था। अफजाल ने हिस्ट्रीशीटर अकील खिचड़ी और सबलू को चार-चार लाख रुपये देकर ईंट-पत्थर, गोली-बम चलाने के लिए लड़कों की व्यवस्था करने का जिम्मा सौंपा था। 

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कानपुर में पथराव और हिंसा के मुख्य आरोपी - फोटो : अमर उजाला
अकील ने ही एक हजार से लेकर पांच हजार रुपये में उपद्रव के लिए लड़कों को तैयार किया था। अकील डी-13 गैंग का सदस्य है। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में 13 मुकदमे दर्ज हैं। नई सड़क बवाल में ही बेकनगंज थाने में दर्ज मुकदमे दर्ज हैं। विशेष लोक अभियोजक पंकज त्रिपाठी ने बताया कि चमनगंज निवासी शमीम पान वाला, दलेल पुरवा निवासी मो. कैफ, बेकनगंज निवासी अजीम शुक्ला व मो. शाहिद, बांसमंडी निवासी सनी की जमानत अर्जियां भी खारिज हो गई हैं।

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कानपुर में हिंसा - फोटो : अमर उजाला
आई कार्ड पुलिस मित्र का, सीसीटीवी फुटेज में निकला उपद्रवी
नई सड़क बवाल में कई ऐसे लोग भी शामिल थे, जो पुलिस की सहायता के नाम पर अफसरों को धोखे में रखकर उपद्रवियों के लिए मुखबिर का काम कर रहे थे। इस बात का खुलासा बेकनगंज निवासी अजीम उर्फ अजीम शुक्ला की जमानत अर्जी की सुनवाई के दौरान कोर्ट में हुआ। अजीम के अधिवक्ता की ओर से उसे पुलिस मित्र बताया गया। उसका आईकार्ड दिखाने के साथ ही पुलिस कमिश्नर के साथ उसकी फोटो भी कोर्ट में दाखिल की गई। जवाब में एडीजीसी दिनेश अग्रवाल ने तर्क रखा कि अजीम मुखबिर था। उपद्रवियों की भीड़ में शामिल था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी पहचान हुई है।

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बिल्डर हाजी वसी और हयात जफर हाशमी - फोटो : अमर उजाला
तीसरे दिन भी पूरा नहीं हुआ वसी के साझेदार की इमारत का सर्वे
कानपुर। केडीए तीसरे दिन शुक्रवार को भी बिल्डर हाजी वसी के साझेदार की जाजमऊ में अवैध रूप से बनी पांच मंजिला इमारत का सर्वे पूरा नहीं कर पाया। इस वजह से यह तय नहीं हो पाया कि यह इमारत गज्जूपुरवा में है या चंदारी में। यह भी नहीं तय हो पाया कि यह इमारत आराजी संख्या 1077 में है या 1078 में। बताया गया कि शनिवार को इसके लिए विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों की राय ली जाएगी।
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नगर निगम के दो स्कूलों की जमीन पर खड़ी की गई पांच मंजिला बिल्डिंग - फोटो : अमर उजाला
दावत-ए-इस्लामी की इमारत पर 15 दिन में मांगा जवाब 
केडीए छोटे मियां का हाता स्थित उस अवैध इमारत के कागज मिलने का इंतजार करता रहा, जिसमें दावत-ए-इस्लामी का दफ्तर चल रहा है। विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि यह मकान मौके पर गुलाम मोहम्मद का बताया गया, उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है। 15 दिन में जवाब तलब किया गया है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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