हयात कर चुका था बाजार बंदी का ऐलान
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31 बिंदुओं की दी थी रिपोर्ट, हयात को लेकर भनक नहीं थी
एलआईयू की गोपनीय रिपोर्ट 31 बिंदुओं की थी, जिसमें सपा विधायकों, लाल इमली कर्मचारी संघ, कांग्रेस नेताओं के अलावा अलग-अलग पार्टी के नेता व संगठनों के नाम लिखे गए थे। अंदेशा जाहिर किया था कि ये लोग प्रदर्शन आदि कर सकते हैं। सवाल है कि जब चार-पांच दिन पहले ही हयात एंड कंपनी ने बाजार बंदी का आह्वान किया था, तो उसको लेकर इनपुट एलआईयू ने क्यों नहीं जुटाया था। यह तक दर्ज नहीं किया गया कि हयात ने बंदी बुलाई और फिर वापस ले ली। यह एलआईयू की नाकामी रही।