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Kanpur Violence: खुलेआम हयात लगवा चुका था पोस्टर, एलआईयू रही बेखबर, नहीं था गोपनीय रिपोर्ट में जिक्र....जानिए क्या था रिपोर्ट में

Tue, 14 Jun 2022 03:48 PM IST
हिमांशु अवस्थी सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर हिंसा मामले में दो जून को एलआईयू की तरफ से संबंधित अफसरों को गोपनीय रिपोर्ट भेजी गई थी। इस 31 बिंदुओं की रिपोर्ट में कहीं पर भी हयात और उसके संगठन का जिक्र तक नहीं किया गया था। हालांकि, हयात खुलेआम पोस्टर लगवा चुका था, इसके बावजूद भी एलआईयू बेखबर रही।
 
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एलआईयू की नाकामी हुई उजागर - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के दौरे के बीच शहर में हुए बवाल के पीछे एलआईयू की भी बड़ी नाकामी थी। अब इस बात पर मुहर लग गई है। एलआईयू के पास हयात को लेकर कोई भी इनपुट नहीं था। एलआईयू की गोपनीय रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है। यह तब हुआ है, जब हयात जफर हाशमी ने बाजार बंदी का एलान कर पोस्टर लगवा दिए थे। कथित तौर पर बंदी का आह्वान वापस लिया गया था।

एलआईयू के अफसर सवालों के घेरे में हैं। नई सड़क पर तीन जून को जुमे की नमाज के बाद भारी बवाल व हिंसा हुई थी, जिस तरह से साजिश रचकर हिंसा-बवाल कराया गया था। उससे शुरुआत में ही स्पष्ट हो गया था कि इसमें एलआईयू की नाकामी है। अब उसकी पुष्टि भी हो गई है। दरअसल, दो जून को एलआईयू की तरफ से संबंधित सभी अफसरों को एक गोपनीय रिपोर्ट भेजी गई थी।
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एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन - फोटो : सोशल मीडिया
रिपोर्ट में उन लोगों का नाम व संगठन का नाम था, जिनको लेकर आशंका थी कि वह राष्ट्रपति, पीएम व सीएम के दौरे के बीच धरना प्रदर्शन, बवाल आदि कर सकते हैं। इस सूची में हयात जफर हाशमी या उसके संगठन एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन का नाम नहीं था।
 
 
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हयात कर चुका था बाजार बंदी का ऐलान - फोटो : अमर उजाला
31 बिंदुओं की दी थी रिपोर्ट, हयात को लेकर भनक नहीं थी
एलआईयू की गोपनीय रिपोर्ट 31 बिंदुओं की थी, जिसमें सपा विधायकों, लाल इमली कर्मचारी संघ, कांग्रेस नेताओं के अलावा अलग-अलग पार्टी के नेता व संगठनों के नाम लिखे गए थे। अंदेशा जाहिर किया था कि ये लोग प्रदर्शन आदि कर सकते हैं। सवाल है कि जब चार-पांच दिन पहले ही हयात एंड कंपनी ने बाजार बंदी का आह्वान किया था, तो उसको लेकर इनपुट एलआईयू ने क्यों नहीं जुटाया था। यह तक दर्ज नहीं किया गया कि हयात ने बंदी बुलाई और फिर वापस ले ली। यह एलआईयू की नाकामी रही।

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हयात जफर हाशमी - फोटो : सोशल मीडिया
बिकरू कांड से भी नहीं लिया सबक
बिकरू कांड के पीछे भी एलआईयू की नाकामी उजागर हुई थी। डीएसपी सूक्ष्म प्रकाश सिंह उसमें दोषी पाए गए थे। विभागीय दंड भी उनको मिला है। अब एक बार फिर कानपुर हिंसा के मामले में वह और उनकी टीम सवालों के घेरे में है।
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पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीना - फोटो : सोशल मीडिया

एसआईटी मामले की तफ्तीश कर रही है। इसमें जिम्मेदार पुलिसकर्मियों और एलआईयू के अफसरों की भी भूमिका जांची जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।  -विजय सिंह मीना, पुलिस कमिश्नर

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