कानपुर में भांजे के प्यार में एक महिला ने रिश्तों का कत्ल कर दिया। मामला सचेंडी का है। दस माह पहले महिला लक्ष्मी ने भांजे संग मिलकर पति शिवबीर (45) की हत्या कर दी और शव घर के पीछे खेत में गाड़ दिया। दस महीने बाद मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पति की हत्या कर उसकी लाश के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट का घोल बनाकर डाल दिया था। कातिल पत्नी की खौफनाक वारदात को लोग अभी भूले नहीं थे कि यूपी के ही कानपुर से 'लक्ष्मी' नाम की महिला ने दिल दहला देने वाला कांड को अंजाम दे दिया। कानपुर के पनकी इलाके में 10 महीने तक पति की हत्या की परतों में दबाए रखा। अचानक एक ऐसा सच सामने आया, जिसने शादी और भरोसे को ही कलंकित करके रख दिया। पत्नी लक्ष्मी और उसके प्रेमी भांजे ने ऐसा खूनी खेल खेला, जो किसी क्राइम सीरियल से कम नहीं लगता। कानपुर पुलिस ने करीब दस महीने पहले हुई खूनी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है।
अचानक गायब हो गया शिवबीर सिंह
दरअसल, कानपुर जिले में हुई इस दिल दहला देने वाली कहानी की शुरुआत 30 अक्तूबर 2024 को हुई, मूलरूप से बांदा के मवई चौराहा की रहने वाली सावित्री देवी ने 30 अक्तूबर 2024 को गृह जनपद बांदा गई थीं। 2 नवंबर की रात से कानपुर के सचेंडी इलाके में रहने वाला 45 वर्षीय सावित्री का बेटा शिवबीर सिंह अचानक गायब हो गया। शिवबीर पनकी की एक फैक्टरी में गेटकीपर था।
विज्ञापन
3 of 10
मृतक शिवबीर की मां
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पांच सितंबर को शिवबीर का मां सावित्री वापस आई तो बेटा नहीं दिखा। इस पर उन्होंने बहू लक्ष्मी से पूछा कि शिवबीर कहां गया है। इस पर लक्ष्मी ने अपनी सास को बताया कि शिवबीर के पास किसी का फोन आया था, जिस पर वह नौकरी के चक्कर में गुजरात चले गए।
4 of 10
मृतक शिवबीर की मां और अन्य परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पत्नी लक्ष्मी की बातों पर सास और अन्य लोगों ने भरोसा कर लिया, क्योंकि शिवबीर पहले गुजरात में काम कर चुका था। समय बीतता गया, शिवबीर का किसी से कोई संपर्क नहीं हुआ, इस पर मां को चिंता सताने लगी। पत्नी लक्ष्मी भी बच्चों और अपनी सास को बार-बार टालती जा रही थी।
विज्ञापन
5 of 10
आरोपी पत्नी और भांजा, मृतक शिवबीर की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
सावित्री को पुलिस ने टरकाया
कई माह तक बेटे से संपर्क न होने और बूह लक्ष्मी की बातों पर सास और बच्चों को शक हुआ, अनहोनी की आशंका हुई तो महिला सावित्री ने सचेंडी थाने में बेटे के गायब होने की गुहार लगाई, पर पुलिस वालों ने टरका दिया।
विज्ञापन
6 of 10
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी महिला और उसका प्रेमी भांजा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लक्ष्मी ने पुलिस को सुनाई गुजरात में नौकरी करने जाने की कहानी
18 अगस्त को डीसीपी वेस्ट से मदद की गुहार लगाई तो उन्होंने सचेंडी थाने को रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। 19 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने पत्नी लक्ष्मी से पूछताछ की तो उसने पुलिस को भी पति के गुजरात में नौकरी करने जाने की कहानी सुनाई। हालांकि पति का मोबाइल नंबर न दे सकी।
विज्ञापन
7 of 10
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी प्रेमी भांजा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बहू लक्ष्मी और नाती अमित के प्रेम संबंध की दी जानकारी
सावित्री देवी ने बहू लक्ष्मी और नाती अमित के प्रेम संबंध की जानकारी भी पुलिस को दी थी। जब अमित और लक्ष्मी के संबंधों को लेकर ग्रामीणों से पूछताछ की गई तो उन लोगों ने इस बात को स्वीकार किया। इस पर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में दोनों ने पुलिस को गुमराह किया, लेकिन सख्ती होने पर अमित ने सच उगल दिया। पुलिस के सामने दोनों ने गुनाह कुबूल कर लिया।
8 of 10
घर से डेढ़ सौ कदम दूर खेत में गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया था
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चाय में नशे की गोली मिलाकर पिलाई
भांजे अमित के मुताबिक, नानी सावित्री देवी के बांदा जाने के बाद दो नवंबर को मामी लक्ष्मी ने शिवबीर को चाय में नशे की गोली मिलाकर पिला दी थी। शिवबीर के सो जाने पर दोनों ने सिर पर रॉड मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को घर के पीछे खेत में दफना दिया। शव को गलाने के लिए नमक भी डाला था। कुछ समय बाद कुत्तों ने हड्डियां बाहर निकाल दीं तो हड्डियों को बोरी में भरकर पनकी नहर में फेंक दिया था।
9 of 10
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी महिला और उसका प्रेमी भांजा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अंडर गारमेंट, बाल के गुच्छे, लॉकेट बरामद
शनिवार को पुलिस दोनों को घर के पीछे जिस बाग में शव छिपाया गया था वहां लेकर गई। उनकी निशानदेही पर खोदाई हुई तो पुलिस व फॉरेंसिक टीम को हड्डियों के अवशेष, अंडर गारमेंट, बाल के गुच्छे, लॉकेट, बेल्ट का बक्कल और शव गलाने को डाले गए नमक के खाली पाउच बरामद हुए हैं।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी महिला और उसका प्रेमी भांजा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हाथ से दिव्यांग है प्रेमी अमित
सचेंडी इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट के मुताबिक, लक्ष्मी की उम्र करीब 40 साल और अमित की 25 वर्ष है। हत्या के दौरान शोर होने पर उसकी 13 साल की बेटी और आठ साल का बेटा जाग गए थे। लक्ष्मी ने दोनों को किसी तरह समझाकर शांत करा दिया। 18 वर्षीय बड़ा बेटा घर में नहीं था। अमित हाथ से दिव्यांग है।