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कानपुर अग्निकांड: सोते- सोते धुएं में घुट गईं 3 जिंदगियां, साथी बोला- मेरी आंखों के सामने वो तड़पते रहे और...

Sat, 17 Dec 2022 09:09 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
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कानपुर अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के फजलगंज के गड़रियनपुरवा स्थित साइकिल की गद्दी बनाने वाली एसके इंडस्ट्रीज में शुक्रवार तड़के साढ़े तीन बजे शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। दम घुटने से तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग बेहोश हो गए। सूचना पर मौके पर पहुंची दमकल की आठ गाड़ियों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं फैक्टरी के प्रथम तल पर फंसे पांच कर्मचारियों ने पड़ोस की छत के रास्ते भाग कर अपनी जान बचाई। बेसुध हुए दो कर्मचारियों को हैलट के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, एक डिस्चार्ज हो गया। शास्त्रीनगर निवासी दीपक कटारिया की गड़रियनपुरवा में एसके इंडस्ट्रीज के नाम से फैक्टरी है। फैक्टरी में साइकिल की सीट और पैडल बनाने का काम होता है। शुक्रवार तड़के फैक्टरी में नौ कर्मचारी काम कर रहे थे। 
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कानपुर अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार तड़के करीब 3:30 बजे फैक्टरी के ग्राउंडफ्लोर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। दम घुटने से शिवराजपुर के छतरपुर निवासी प्रदीप कुमार (24), सचेंडी के कैथा निवासी नारेंद्र सोनी (40) और उन्नाव के बारासगवर निवासी जय प्रकाश परिहार (50) की मौत हो गई। 

 
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कानपुर अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
शास्त्रीनगर निवासी अमन, काकादेव निवासी गौरव और मनोज धुएं से बेहोश हो गए और झुलस भी गए। इधर आग की लपटें उठती देख प्रथम तल पर मौजूद कर्मचारी दिनेश, मिथुन, बउआ, सूरज और दिन्नू पड़ोसी के मकान की छत पर कूदकर भागे।


 

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कानपुर अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
दिनेश ने करीब 4:30 बजे घटना की जानकारी फायर कंट्रोल रूम और फैक्टरी मालिक को दी। दस मिनट के अंदर पहुंची दमकल ने आग में फंसे बेहोश हो चुके तीन मजदूरों को रेस्क्यू कर बाहर निकाल उन्हें हैंलट में भर्ती कराया, जहां गौरव और अमन को आईसीयू में भर्ती कराया गया है। आठ गाड़ियों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।


 
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कानपुर अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
अग्निकांड में जान गवांने वाले तीन मजदूर हादसे के वक्त मशीन के पास सो रहे थे। जिसके चलते उन्हें शार्ट सर्किट का पता नहीं चल सका। दरअसल रात में जाड़े की वजह से भी उन तीनों को आग की गर्माहट का अंदाजा ही नहीं लग पाया। देखते ही देखते धुआं पूरे फ्लोर में फैल गया। इसी जहरीले धुएं की चपेट में आने से तीनों की जान चली गई। 

 
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कानपुर अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
फजलगंज के गड़रियनपुरवा स्थित साइकिल की गद्दी बनाने वाली एसके इंडस्ट्रीज में शुक्रवार तड़के साढ़े तीन बजे शॉर्ट सर्किट से आग लगने का अंदाजा वहां काम करने वाला कोई कर्मचारी नहीं लगा सका। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी इसी तरह मजदूर काम करते-करते नींद के आगोश में पहले भी चुके हैं, लेकिन शुक्रवार की तड़के उनके जीवन की आखिरी रात साबित हुई। इसी फैक्टरी में काम करने वाले शैलेंद्र की आंखे अपने साथियों के मौत के मंजर को बताते हुए डबडबा जाती हैं। 
 
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कानपुर अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
उसने बताया कि पूरी फैक्टरी में इस कदर धुआं भर गया कि उसमें सांस ले पाना किसी के लिए मुमकिन नहीं था। यहीं वजह है कि जो बाकी लोग जाग रहे थे, उनका वहां पर रहकर सांस लेना मुश्किल हो गया, जिससे अपनी जान बचाने के लिए वे भागने को मजबूर हो गए। इस घबराहट में उन्हें अपने तीनों सोए हुए साथियों को जगाने का खयाल ही नहीं आया। जब तक उन्हें यह खयाल आता तब तक आग की लपटे और धुआं उन तीनों के फेफड़ों में घुसकर उनकी सांसें बंद कर चुका था। आग ने पूरी फैक्टरी को अपने घेरे में ले लिया था, यही वजह है कि उसे बुझाने में दमकल की आठ गाड़ियों को पूरे दो घंटे से ज्यादा समय तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।


 

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अग्निकांड में मारे गए तीनों की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मेरी आंखों के सामने आग की लपटों में घिर गए तीनों
फैक्टरी में काम करने शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि मैं अपने साथी कर्मचारियों  प्रदीप, नरेंद्र, जयप्रकाश फैक्टरी में मिक्सर मशीन में माल तैयार कर रहे थे। थके होने की वजह से इस बीच उन तीनों आंख लग गई। कुछ पल में वे गहरी नींद में सो गए। तभी अचानक मोटर जाम होने से शार्ट सर्किट से आग लग गई। 

 

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kanpur fire - फोटो : अमर उजाला
फैक्टरी में चौतरफा प्लास्टिक दाने, थिनर और केमिकल होने के चलते आग और भड़क गई। जिसके चलते पूरी फैक्टरी में आग की लपटें और धुआं फैल गया। धुआं और आग फैलते देख फैक्टरी के प्रथम तल पर मौजूद कर्मचारी पड़ोस की छत के रास्ते भाग खड़े हुए। इस घबराहट में मैं भी कुछ समझ नहीं पाया।

 

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कानपुर की फैक्टरी में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
जल्दबाजी में ग्राउंड फ्लोर पर सो रहे तीनों को जगा नहीं सके। जिससे आग और धुएं में घिर जाने की वजह से उनका दम घुट गया और उन तीनों की मौत हो गई।  

 
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मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम। - फोटो : amar ujala
फायर कंट्रोल रूम में साढ़े चार बजे सूचना मिली थी। रेस्क्यू कर छह लोगों को बाहर निकाला गया है। डॉक्टरों ने तीन मजदूरों को मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक जांच में मिक्सर मशीन में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की पुष्टि हुई है। बिना एनओसी चल रही थी फैक्टरी। मालिक को नोटिस दिया जाएगा।
- दीपक शर्मा, सीएफओ
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