कानपुर देहात के मड़ौली में हुई घटना के बाद शनिवार को दिवंगत मां-बेटी की तेरहवीं मनाई गई। यहां पीड़ित परिवार के नाते रिश्तेदार जुटे। इधर डीएम व एसपी भी पहुंचे और संवेदना जताई। हालांकि राजनीतिक दल का कोई नेता नहीं पहुंचा। भाकियू पदाधिकारियों ने मड़ौली पहुंच कर संवेदना जताई।
रूरा थाना क्षेत्र के मड़ौली गांव के मजरा चालहा में 13 फरवरी को कब्जा हटाने गए एसडीएम व पुलिस अफसरों के सामने झोपड़ी में लगी आग से मां बेटी की जलकर मौत हो गई थी। प्रमिला दीक्षित व नेहा की मौत पर परिजनों ने 39 लोगों पर हत्या का केस दर्ज कराया है। मामले में पुलिस ने लेखपाल व बुलडोजर चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इधर कमिश्नर व डीजीपी की एसआईटी की जांच पूरी हो गई है। अब यह एसआईटी शासन को रिपोर्ट देगी। दर्ज कराए गए केस की दूसरी एसआईटी जांच कर रही है।
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मां-बेटी के जिंदा जलने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को दिवंगत मां बेटी की तेरहवीं मनाई गई। यहां परिजन व रिश्तेदार जुटे। इसके लिए घटना स्थल के पास ही टेंट लगाया गया। पूजन आदि के बाद परिजनों व अन्य लोगों ने प्रसाद चखा। मां बेटी को पति कृष्ण गोपाल दीक्षित, पुत्र शिवम व अंश व मामा गिरजेश कुमार त्रिपाठी ने श्रद्धांजलि दी। इधर भाकियू के जिलाध्यक्ष विपिन तिवारी, मंडल अध्यक्ष चौधरी रमेश यादव, महासचिव घनश्याम यादव, रणधीर सिंह, रमेश लोधी आदि ने गांव पहुंचकर संवेदना जताई। इससे पूर्व डीएम नेहा जैन, एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, सीओ प्रभात कुमार व एसडीएम ने शोक संतृप्त परिजनों से संवेदना जताई।
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पट्टा धारक समेत छह लोगों दर्ज हुए बयान
कानपुर देहात। मां-बेटी की जलकर हुई मौत के मामले में एसआईटी की विवेचना शनिवार को भी जारी रही। तेरहवीं संस्कार के चलते एसआईटी मड़ौली और चालहा गांव नहीं गई। एसआईटी के सीओ विकास जायसवाल ने अपने कैंप कार्यालय में चालहा गांव में आवंटित सरकारी जमीन की पट्टा धारक महिला रानी देवी के अलावा राम मोहन, रामशंकर समेत छह लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
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वहीं, टीम मामले में पुराने विवादों का भी पता लगा रही है। इसमें एक ग्रामीण से भी मकान को लेकर विवाद की बात सामने आ रही है। एसआईटी सभी बिन्दुओं को जांच कर घटना की कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है। अब तक जो पुलिसकर्मी बयान दर्ज कराने नहीं आए हैं, उनको नोटिस देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। सूत्रों के अनुसार एसआईटी आज कृष्ण गोपाल के बयान दर्ज कर सकती है।
मकान का विवाद भी आया सामने
मड़ौली कांड में जांच कर रही एसआइटी को कई वीडियो मिले है। इनकी सत्यता परखने के लिए गांव के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पीड़ित परिवार ने एफआईआर में गांव के एक व्यक्ति को नामजद किया था। पता चला है कि अंश की जहां दुकान है उस मकान को लेकर भी कुछ विवाद सामने आया है। इसकी जानकारी आरोपी परिवार व ग्रामीणों से ली जा रही है। इसके अलावा कोई विवाद पहले रहा या नहीं, इसका भी एसआईटी पता लगा रही है।