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इस तंबाकू काराेबारी के यहां पड़ा छापा, पकड़ा गया लाखाें का माल

Sun, 07 Jan 2018 02:14 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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यूपी में इन द‌िनाें धड़ल्ले से काराेबार‌ियाें के यहां छापेमारी हाे रही है। इसी क्रम में कानपुर के एक काराेबारी के यहां हुई छापेमारी में राज्य वस्तु एवं सेवाकर (स्टेट जीएसटी) विभाग के अफसरों काे कई अनियमितताएं देखने काे म‌िलीं। शनिवार को जूही कलां स्थित चर्चित खैनी गणेश छाप तंबाकू के उत्पादन स्थल पर छापा मारकर लाखों रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी है।

 
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प्रतिष्ठित फर्म जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराए बिना चोरी छिपे व्यवसाय करते मिली। अफसरों ने मौके पर मिले तैयार माल, पैकिंग आइटम और दस्तावेजों को सीज कर दिया है। तंबाकू पर 28 फीसदी जीएसटी और 65 फीसदी सेस समेत 93 फीसदी टैक्स है। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 भानु प्रकाश मिश्र और ज्वाइंट कमिश्नर संगम लाल को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि गणेश छाप तंबाकू का व्यवसाय जीएसटी में पंजीकरण के बिना हो रहा है।

 
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पड़ताल की गई तो फर्म का जीएसटी में पंजीकरण वास्तव में नहीं मिला। इस पर विभाग के डिप्टी कमिश्नर सुरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र बहादुर सिंह और विकास बहादुर की टीमों ने जूही कलां स्थित एक मकान पर छापा मारकर गणेश छाप तंबाकू की प्रोसेसिंग होते पाया। मकान की ऊपरी मंजिल पर इसकी पैकिंग हो रही थी। एक कमरे को गोदाम के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था।

 

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अफसरों को यहां पर 25 बोरे तंबाकू से भरे पाउच मिले। इसके अलावा बड़ी मात्रा में पैकिंग आइटम भी मिला। अफसरों ने सभी को सीज कर दिया। दस्तावेजों से पता चला कि व्यवसायी ने गत अगस्त माह में फर्म का पंजीयन निरस्त कराया लिया था। इसके बाद से बिना पंजीयन ही व्यवसाय हो रहा है। छापामार टीम में वाणिज्यकर अधिकारी शिवानी सिंह, शैलेंद्र सिंह भानु प्रताप आदि शामिल रहे। 
 
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अफसरों ने बताया कि गणेश छाप तंबाकू की सप्लाई उत्तर प्रदेश के अलावा बाहरी राज्यों में भी है। रोजाना 100 बोरी माल यहां से भेजा जाता है। तंबाकू की पैकिंग दिन में और सप्लाई रात में होती थी। पंजीयन न होेने की वजह से व्यापारियों को ये कच्चे पर्चे पर ही बिल काटते थे। व्यापारियों से ये जीएसटी और सेस भी वसूलते थे लेकिन विभाग में जमा नहीं करते थे। अफसरों ने कच्चे पर्चों वाली बिल बुक सीज कर दी है। बताते हैं कि गत पांच माह में करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी हुई है। 
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