बिकरू कांड में एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में दो आईएएस अफसरों की भी भूमिका संदिग्ध बताई है। विकास दुबे और जय बाजपेई को संरक्षण देने के साक्ष्य आईएएस के खिलाफ मिले हैं। इनमें से एक अफसर शहर में भी तैनात रहे हैं।
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विकास दुबे कांड: शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्रा, जय बाजपेई
- फोटो : amar ujala
इसके अलावा तत्कालीन एएसपी कन्नौज केसी त्यागी की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई करने पर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही इस रिपोर्ट में जिन-जिन पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया गया था, उन पर कार्रवाई की सिफारिश की है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों आईएएस अफसर सीधे पर जय बाजपेई के संपर्क में थे।
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विकास दुबे के करीबी जय का सटोरियों से कनेक्शन
- फोटो : अमर उजाला
उसका शस्त्र लाइसेंस बहाल करने में एक अफसर की भूमिका थी, जबकि जय पर कई आपराधिक केस थे। इसलिए इस आईएएस अफसर पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है। वहीं एक अन्य आईएएस के जरिये जय ने ट्रांसफर-पोस्टिंग कराने के साथ व्यक्तिगत काम कराए। इसमें विकास दुबे के भी कई काम शामिल रहे।
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विकास दुबे कांड में अब जय की पत्नी का भी आया नाम
- फोटो : amar ujala
कार्रवाई न करने पर उठाए सवाल
अधिवक्ता सौरभ भदौरिया की शिकायत के बाद तत्कालीन आईजी आलोक सिंह ने कन्नौज के तत्कालीन एएसपी केसी गोस्वामी से जय पर लगे आरोपों की जांच कराई थी। रिपोर्ट में सिफारिश के बावजूद कोई कार्रवाई न करने पर भी एसआईटी ने सवाल खड़े किए हैं।
पूर्व एसएसपी कानपुर अनंत देव के साथ विकास का साथी जय
- फोटो : amar ujala
इस बात का भी जिक्र है कि जिसने विकास उसके खजांची जय या इनके गैंग के सदस्यों के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की, उन पर ही कार्रवाई कर आवाज दबा दी गई। रिपोर्ट में जय के किरायेदार पुलिसकर्मियों समेत दो दर्जन दरोगा, इंस्पेक्टर, एक सीओ और कई अन्य पुलिस वालों पर कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।