विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई और पूर्व जिला पंचायत सदस्य गुड्डन त्रिवेदी समेत बिकरू कांड के 30 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट में गैंगस्टर एक्ट में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। हालांकि, मामले में आरोपी चार महिलाओं, तत्कालीन एसओ और दारोगा को गैंगस्टर की कार्रवाई में शामिल नहीं किया गया है। दो जुलाई 2020 को बिकरू गांव में कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी। इसमें सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। घटना में विकास समेत कई आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। मामले में पुलिस ने कुल 36 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
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विकास दुबे कांड
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इसमें विकास के खजांची जय बाजपेई और करीबी पूर्व जिला पंचायत सदस्य अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन समेत 30 लोगों पर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। गैंगस्टर की कार्रवाई से आरोपी चार महिलाओं और तत्कालीन एसओ चौबेपुर विनय तिवारी व दरोगा केके शर्मा को बाहर रखा गया है।
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जय बाजपेई और विकास दुबे
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इसकी विवेचना बिल्हौर थाना प्रभारी अनूप कुमार कर रहे थे। गुरुवार को थाने के पैरोकार ने अपर जिला सत्र न्यायाधीश पंचम रवि यादव की कोर्ट में सभी 30 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में आरोपपत्र दाखिल किए।
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जय बाजपेयी पत्नी श्वैता एवं विकास दुबे
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इस दौरान 29 आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। वहीं कानपुर जेल में निरुद्ध दयाशंकर उर्फ कल्लू को नहीं पेश किया जा सका। सहायक शासकीय अधिवक्ता धनंजय पांडेय ने बताया कि कोर्ट ने मामले में आरोप तय करने के लिए बहस की तारीख 26 नवंबर तय की है।