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चित्रकूट गोलीकांड: जेल में दो की हत्या और एक एनकाउंटर के बाद जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Sun, 16 May 2021 08:28 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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चित्रकूट जेल गैंगवार - फोटो : amar ujala
चित्रकूट जिला जेल रगौली को शासन प्रशासन हाई सिक्योरिटी की जेल बताता है, लेकिन दो माह से अंदर के सभी सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। कैमरों को बनवाने को कई बार पत्राचार भी हुआ, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। जेल में सुरक्षाकर्मी भी पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। कई अधिकारी तो अवकाश पर हैं जिसका भी अपराधियों ने फायदा उठाया। यह बात सीएम द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट से उजागर हुई है। टीम में मंडल के कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह, आईजी के. सत्यनारायण और डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी शामिल हैं। टीम ने दो बार जेल का दौरा कर 25 लोगों से पूछताछ की। इसके बाद शुक्रवार की देर रात को चार पेज की रिपोर्ट शासन को भेजी। टीम ने सबसे पहले गैंगवार के समय ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से पूछताछ की।
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चित्रकूट जिला कारागार - फोटो : amar ujala
फिर हाई सिक्योरिटी सेल की सुरक्षा व्यवस्था को चेक किया तो पता चला कि वहां के कोई भी सीसीटीवी कैमरे काम ही नहीं कर रहे हैं। रिपोर्ट में जेल परिसर में सुरक्षाकर्मियों की कमी का भी जिक्र किया गया है। कई जेल के अधिकारी लगातार अवकाश पर चल रहे हैं। जेल में हाई सिक्योरिटी जैसी बात सामने नहीं आ रही। शायद इन सब बातों की जानकारी अपराधियों को थी जिसके चलते बेखौफ होकर वारदात हुई। 
 
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चित्रकूट एसपी अंकित मित्तल - फोटो : amar ujala
कैमरों की खराबी का ठीकरा कंपनी पर फोड़ा
जेल के खराब सीसीटीवी कैमरों का ठीकरा जेल प्रशासन ने संबंधित कंपनी पर फोड़ा है। जांच टीम को बताया कि शिकायतों के बाद भी जेल के कैमरों को सही नहीं कराया गया था। दो महीने पहले सभी कैमरे एक साथ खराब हो गए थे। मेंटीनेंस की जिम्मेदारी कैमरे लगाने वाली एजेंसी की है। अब सवाल ये है कि शिकायतों के बाद भी कैमरे सही क्यों नहीं हुए। संबंधित एजेंसी पर कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया। मुख्य गेट से प्रवेश से लेकर अंदर के गेट प्रवेश द्वार तक के कैमरा सही हैं, लेकिन अंदर के कैमरे खराब चल रहे हैं। 

 

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मुकीम काला और चित्रकूट जेल - फोटो : amar ujala
बता दें कि चित्रकूट जिला जेल रगौली में शुक्रवार को ईद के दिन सुबह लगभग आधे घंटे तक ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज से हड़कंप मच गया था। जेल में पूर्वाचंल के शार्पशूटर अंशू दीक्षित ने पिस्टल से कुख्यात अपराधी मुकीम काला व मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली को गोलियों से भून डाला। इसके बाद कई अन्य बंदियों को बंधक बनाकर जेल से भागने की बात करता रहा लेकिन इसी बीच जिले की भारी पुलिस बल ने आकर पूरे परिसर को घेर लिया था। पुलिस ने हत्यारोपी अंशू को आत्मसमर्पण के लिए कहा था। हत्यारोपी ने पुलिस टीम पर भी फायरिंग झोंक दी। जिसमें कई जवान बाल बाल बचे थे। इसी बीच जवाबी फायरिंग में पुलिस ने अंशू को भी ढेर कर दिया था।

 
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घटना के बाद से छावनी बनी चित्रकूट जेल - फोटो : amar ujala
पिस्टल और मैग्जीन कैसे पहुंची, इन सबकी जानकारी की जा रही है। जांच जारी है, जैसे ही पता चलेगा तो रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी, जेलर महेंद्र पाल, हेड वार्डर संजय खरे, वार्डर हरीशंकर राम और एक पीएसी जवान को निलंबित कर दिया गया है।
के. सत्यनारायणा, आईजी, चित्रकूटधाम मंडल
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