चित्रकूट जिला जेल में गैंगवार करने के बाद पुलिस मुठभेड़ में ढेर शार्पशूटर अंशू दीक्षित के खिलाफ कोतवाली में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जेल अधीक्षक एसपी त्रिपाठी ने अंशू के खिलाफ धारा 302 के तहत रिपार्ट दर्ज कराई है। सदर कोतवाल वीरेंद्र त्रिपाठी ने अंशू के खिलाफ धारा 307, 342, 504, 506, 25 आर्म्स एक्ट और 7 सीएलए एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। उधर, अब तक जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी, जेलर महेंद्र पाल, हेड वार्डर संजय खरे, वार्डर हरीशंकर राम और एक पीएसी जवान को गृह सचिव उप्र ने निलंबित कर दिया है। अशोक सागर को जेल का नया अधीक्षक बनाया गया है। शनिवार को ही नए अधीक्षक ने कार्यभार संभाल लिया। आईजी के. सत्यनारायणा ने बताया कि अभी और भी कई लोगों पर गाज गिर सकती है। बता दें कि चित्रकूट जिला जेल रगौली में शुक्रवार को ईद के दिन सुबह लगभग आधे घंटे तक ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज से हड़कंप मच गया था। जेल में पूर्वाचंल के शार्पशूटर अंशू दीक्षित ने पिस्टल से कुख्यात अपराधी मुकीम काला व मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली को गोलियों से भून डाला था।
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अंशू दीक्षित की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बंदियों के चेहरे में दिखा खौफ
शुक्रवार को जेल परिसर में ताबड़तोड़ गोलियों चलाकर तीन बंदियों की मौत का नजारा देखने वाले अन्य बंदियों के चेहरे पर दूसरे दिन शनिवार को भी खौफ दिखा। सूत्रों के अनुसार, कई ने तो आधे पेट ही खाना खाया और कई तो इस विषय में आपस में दिनभर चर्चा करते रहे। नए जेल अधीक्षक अशोक सागर ने पूरे जेल का निरीक्षण कर बंदियों का भी हालचाल लिया। घटनास्थल का निरीक्षण करने शनिवार को पुलिस टीम फिर पहुंची और शूटआउट वाले स्थान पर घेरा बनाया गया है। कई बंदियों से पूछताछ की गई है। (संवाद)
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मुकीम काला और चित्रकूट जेल
- फोटो : amar ujala
मेराज को दो और मुकीम को मारी पांच गोली
जेल में गैंगवार के शार्पशूटर अंशू दीक्षित ने 9 एमएम पिस्टल से 15 गोलियां चलाईं, जिसमें दो गोली मेराज अली और पांच मुकीम काला को मारी। बाकी गोलियां हवाई फायरिंग और पुलिस मुठभेड़ के दौरान चलाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आया कि मेराज व मुकीम को अंशू ने नजदीक से गोली मारी थी, जिससे कई गोली आरपार हो गई। एएसपी शैलेंद्र राय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मेराज अली के शरीर में दो गोली एक सिर के पास दूसरी कमर के ऊपर लगी है। मुकीम के शरीर में पांच फायर इंजरी है। उसके सिर, कनपटी, सीने पेट कमर के पास गोली मारी गई। गोली बेहद नजदीक से मारे जाने से आरपार हो गई है। उधर, मुठभेड़ में ढेर अंशू दीक्षित के पास से एक पिस्टल, दो कारतूस और 15 खोखे बरामद हुए हैं। इसके अलावा एक मैग्जीन भी मिली है। (संवाद)
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चित्रकूट जेल गैंगवार
- फोटो : amar ujala
17 गोली वाली मैग्जीन से अंशू ने किए थे फायर
जिस पिस्टल से शार्पशूटर अंशू दीक्षित ने ताबड़तोड़ फायर किए, उसमें दो कारतूस बचे हैं। कोतवाल वीरेंद्र त्रिपाठी की मानें तो यह मैग्जीन 17 गोली वाली है, जिसमें 15 गोलियां चलाई गई हैं। सात गोली यदि मेराज व मुकीम को मारी गई हैं तो बाकी आठ गोलियां पुलिस टीम पर और हवाई फायरिंग में प्रयोग की गई।
घटना के बाद छावनी बनी चित्रकूट जेल
- फोटो : amar ujala
मंदाकिनी किनारे हुआ अंशू का दाह संस्कार
अंशू दीक्षित का दाह संस्कार चित्रकूट में ही मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित श्मशान घाट में उनके पिता जगदीश दीक्षित ने किया। दाह संस्कार के लिए पंडितों को भी बुलाया गया। वहीं मुकीम काला व मेराज अली के शव परिजन अपने घर ले गए। मुकीम काला के शव को ले जाने के लिए एंबुलेंस 25 हजार रुपये में बुक की गई। दाह संस्कार के पहले अंशु का समय से पोस्टमार्टम न होने से पिता परेशान दिखे। इस मौके पर अंशू की मां निशा व एक रिश्तेदार अमित भी मौजूद था।