हंगामा करते ग्रामीण।
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सहायक निबंधक सहकारी समितियां डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच अपर जिला सहकारी अधिकारी अर्थात एडीसीओ को सौंपी गई है। एडीसीओ मौत के सभी पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट देंगे। सहायक निबंधक के मुताबिक, जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। बताया कि विभाग के कर्मचारी पांच लाख नकद देकर मृतक किसान की आर्थिक सहायता करेंगे।
वर्ष 2016 में लिया था ऋण
सहायक निबंधक सहकारी समितियां डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि किसान रेवती ने समिति से वर्ष 2016 में 99,600 रुपये का ऋण लिया था। नियमानुसार किसान को 30 जून 2017 तक ब्याज समेत भुगतान करना था। आरोप है कि किसान ने छह साल में भुगतान नहीं किया। जिससे ऋण की मूल धनराशि ब्याज समेत एक लाख 56,600 रुपये हो गई है। समिति अधिकारी किसान से ऋण जमा करने के लिए बार बार कह रहे थे।