शाहजहांपुर में सामूहिक आत्महत्या मामले में जेल में बंद अविनाश वाजपेयी की कस्टडी रिमांड छह घंटे के लिए पुलिस को मिली है। शुक्रवार को पुलिस छह घंटे में तमाम सबूतों को इकट्ठा करने की कोशिश करेगी। पीड़ित अखिलेश गुप्ता के सुसाइड नोट और डायरी में अविनाश से जुड़ी कई बातों का जिक्र था। इन सबकी तस्दीक भी अविनाश से पुलिस करेगी। चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कच्चा कटरा निवासी दवा व्यापारी अखिलेश गुप्ता ने सूदखोर अविनाश वाजपेयी से प्रताड़ित होकर सात जून को घर के अंदर पत्नी रेशू और दो बच्चों के साथ फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले अखिलेश ने अविनाश द्वारा दी गई प्रताड़ना का जिक्र सुसाइड नोट में किया था। पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अविनाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के दौरान सामने आया कि सूदखोरी का मकड़जाल अविनाश ने काफी बड़े स्तर पर फैला रखा है। प्रकरण में कई ऐसे सबूत इकट्ठा करना बाकी हैं जिसका जिक्र अखिलेश ने सुसाइड नोट में लिखा था। बुधवार को पुलिस ने अविनाश को रिमांड पर लेने के लिए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था।
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shahjahanpur suicide case
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार को एसीजेएम दिनेश कुमार गौतम के समक्ष अभियोजन अधिकारी लाल साहब सिंह की बहस के बाद अविनाश वाजपेयी की पुलिस को छह घंटे की कस्टडी रिमांड के आदेश दिए गए हैं। शुक्रवार सुबह दस बजे पुलिस अविनाश को जेल से बाहर लाएगी।
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सूदखोर अविनाश
- फोटो : अमर उजाला
छह घंटे में पूछताछ करने के बाद शुक्रवार शाम चार बजे अविनाश वाजपेयी को तय समयानुसार जेल के अंदर दाखिल करना होगा। कोर्ट ने आदेश दिया है कि कस्टडी रिमांड के दौरान अविनाश वाजपेयी अधिवक्ता रख सकता है लेकिन अधिवक्ता और अविनाश के बीच उचित दूरी बनाए रखनी होगी।
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- फोटो : अमर उजाला
अविनाश की डायरी से मिल सकते हैं कई और नाम
अखिलेश ने सुसाइड नोट और रिश्तेदार से फोन पर की गई बातचीत के दौरान कई बातों का जिक्र किया है। अविनाश एक डायरी रखता था। जिस पर मनचाहे रुपये लिखकर रकम को बढ़ा लेता था। सुसाइड नोट में भी लिखा था कि अविनाश ने हर तरह से प्रताड़ित किया है। रिमांड पर लेने के बाद पुलिस उस डायरी को भी बरामद करने की कोशिश करेगी जिस पर अविनाश ब्याज पर रुपये देने के बाद लिखता था।
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अखिलेश गुप्ता, फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
कमेटी में आखिर किस तरह से रुपये का लेनदेन होता था। कमेटी के कितने रुपये अखिलेश ने अविनाश को दिए थे। अविनाश अकेले सूदखोरी का इतना बड़ा मकड़जाल कैसे फैलाए था या फिर उसके साथ अन्य लोग भी शामिल हैं। अविनाश और अखिलेश के दोस्त सुशील की कितनी गहरी दोस्ती थी। क्योंकि घटना से कुछ मिनट पहले ही पड़ोसी ने सुशील गुप्ता को अखिलेश के घर की सीढ़ियों से उतरते देखा था। यह वह सब बातें हैं जिनके संबंध में पुलिस छह घंटे की कस्टडी रिमांड के दौरान उत्तर इकट्ठा करने की कोशिश करेगी।
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- फोटो : अमर उजाला
परिवार की मांगों पर मिल रहे सिर्फ कोरे आश्वासन
बुधवार को अखिलेश के पिता अशोक गुप्ता ने व्यापारियों के माध्यम से डीएम इंद्र विक्रम को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें उन्होंने मांग की है सरकार स्टांप कर मंत्रालय से अविनाश के नाम हुई रजिस्ट्री को निरस्त कर अखिलेश के माता-पिता के नाम कराई जाए। परिवार को जिला प्रशासन अपने प्रयास से आर्थिक सहायता दिलाए। परिवार में बूढ़े माता-पिता और विधवा बहन के पालन-पोषण के लिए परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाई जाए।
हालांकि ये सभी मांगे परिवार ने घटना के एक दिन बाद से करना शुरू की थीं। घटना के बाद परिवार से मिलने पहुंचे मंत्री नंद गोपाल नंदी, प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल और वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना के सामने भी परिवार ने अपनी मांगे रखीं थीं। लेकिन इन मांगों को पूरा करने के लिए सभी मंत्रियों ने परिवार को सिर्फ आश्वासन ही दिए लेकिन हकीकत में घटना के कई दिन बाद भी एक भी मांग को पूरा नहीं किया गया।