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Hathras Stampede: भगदड़ में नहीं... लाशें देख हार्टअटैक से गई रोशनी की जान; परिजन को किया आखिरी कॉल

Wed, 03 Jul 2024 05:45 PM IST
मुकेश कुमार रविंद्र कुमार रवि, संवाद बदायूं
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रोशनी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बदायूं के बिल्सी कस्बा के मोहल्ला संख्या पांच की रहने वाली रोशनी की जान हाथरस भगदड़ में नहीं गई। वह सेवादार थी और भगदड़ में फंसी महिलाओं को बचाने में लगी थी। उसे अस्पताल में देखने पहुंचे बिल्सी के ही सेवादार बताते हैं कि रोशनी के शरीर में कहीं कोई चोट नहीं थी। परिजन मानते हैं कि हादसे के हालात देखकर उसका दिल बैठ गया। सदमे में उसकी मौत हो गई। 

रोशनी (16) पुत्री स्वर्गीय कैलाश चंद्र अब इस दुनिया में नहीं है। मंगलवार को वह अपनी मां कमलेश के साथ हाथरस में हुए आयोजित भोले बाबा के सत्संग में शामिल होने गई थी। सत्संग खत्म होने के बाद यहां भगदड़ होने से बड़ा हादसा हो गया और 116 लोगों की मौत हो गई। बड़ी संख्या में लोग दबकर घायल हो गए। हादसे में मरने वाले लोगों के शवों और घायलों को प्रशासन की ओर से सरकारी अस्पताल भेजा गया। 
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Hathras Stampede - फोटो : अमर उजाला
भगदड़ में तमाम लोगों की मौत होने के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल था। मरने वालों के शवों को प्रशासन अस्पताल भेज रहा था। रोशनी भी अस्पताल पहुंच गई थी। लोग अपनों को तलाश कर रहे थे। इसी दौरान रोशनी ने बिल्सी के कृपाल सिंह और परिवार के लोगों को कॉल करके हादसे की खबर दी थी। 
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रोशनी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
कृपाल और परिजनों को सूचना देने के बाद रोशनी की फिर किसी से बात नहीं हुई। बाद में सूचना मिली कि उसकी भी हादसे में जान चली गई है। पोस्टमार्टम के बाद देररात रोशनी का शव घर पहुंचा। परिवार के लोगों ने बताया कि रोशनी हादसे के बाद सही हालत में अस्पताल गई थी, उसे कोई चोट नहीं थी। 

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hathras stampede - फोटो : अमर उजाला
आशंका है कि हादसे का मंजर देखकर रोशनी को सदमा लगा और दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। मां कमलेश ने बताया कि उसकी बेटी पिछले दस साल से भोले बाबा की सेवादार का काम कर रही थी। जहां पर भी सत्संग होता तो वह बेटी के साथ सेवा करने जाती थीं, लेकिन अब उनकी बेटी हमेशा-हमेशा के लिए उनसे जुदा हो गई।
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hathras stampede - फोटो : अमर उजाला
रोशनी के कॉलेज ने जताया शोक  
रोशनी बिल्सी के महेश बाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में हाईस्कूल में पढ़ती रही थी। हादसे में उसकी मौत की खबर सुनकर शिक्षकों में भी शोक छा गया। उसकी मृत्यु पर कॉलेज में बुधवार शोक के अवकाश रहा। कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ रोहताश कुमार, प्रबंध समिति के सदस्य मुकुल मालपाणी, आलोक सक्सेना, नरेश सक्सेना आदि ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
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