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मौत का कहर: तीन परिवारों पर टूटा गम का पहाड़, बच्चों की मौत से मचा कोहराम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, तस्वीरें

Sat, 29 May 2021 12:26 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में तीन परिवारों पर टूट पड़ा। यहां तीन बच्चों की गड्ढे में डूबने से मौत हो गई और इसके बाद तीनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बड़ौत क्षेत्र के गांव बिहारीपुर ट्यौढ़ी में गर्मी के चलते नहाने के लिए गड्ढे में उतरने से पहले तीनों बच्चे उसकी गहराई नहीं भांप पाए। जिसके चलते उनकी दर्दनाक मौत हो गई। जिस गड्ढे में तीनों बच्चों की डूबने से मौत हुई वह खेत निरपुड़ा निवासी अरविंद राणा का है। यह नीरज नैन के ईंट भट्ठे से करीब सात सौ मीटर दूर है। अनीस, सावन व मनु शुक्रवार दोपहर में अन्य बच्चों के साथ खेलते हुए वहां पहुंच गए। उन्हें अंदाजा नहीं था कि गड्ढा उनकी मौत की वजह बन जाएगा। परिजनों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। उन्हें बच्चों के डूबने का पता चला तो उनके पैरों तले की जमीन खिसक गई। वे आनन-फानन में मौके पर पहुंचे परंतु तब तक देर हो चुकी थी।
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विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
गड्ढे में बन गई दलदल
ईंट भट्ठों पर अक्सर ऐसे गड्ढे होते हैं। जिनमें ईंट पथाई के लिए पानी भरा जाता है। बीते दिनों आए चक्रवाती तूफान ताउते के असर के चलते जिले में तीन दिन तक बारिश हुई थी। इससे गड्ढे में दलदल हो गई है। ये भी माना जा रहा है कि बच्चे पहले भी इस गड्ढे में नहाते रहे होंगे। इसी वजह से वे बेफिक्र होकर गड्ढों में उतर गए। इस बार शायद दलदल की वजह से बाहर नहीं निकल पाए।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल। - फोटो : amar ujala
नहीं किया जाता नियमों का पालन
ज्यादातर भट्ठों पर नियमों का उल्लंघन कर निर्धारित से ज्यादा गहराई तक मिट्टी की खुदाई की जाती है। संबंधित विभाग फिर भी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। ईंट भट्टों पर दो मीटर तक मिट्टी उठाने की अनुमति होती है। इसके लिए वह रॉयल्टी जमा करते हैं। नियमों के खिलाफ खनन करने पर ईंट भट्ठों की क्षमता के अनुसार जुर्माना लगाया जाता है। ईंट भट्ठों पर पांच हेक्टेयर क्षेत्र से ही मिट्टी उठाने की अनुमति होती है।

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विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
परिजनों की हरसंभव मदद की जाएगी
ईंट भट्ठा मालिक नीरज नैन का कहना है कि यह दर्दनाक हादसा है। गड्ढे में बारिश का पानी इक्कठा था। जिससे दलदल हो गई थी। गड्ढे में करीब दो फीट दलदल और तीन फीट पानी था। जिससे बच्चे गड्ढे से निकल नहीं पाए। हम पीड़ित परिजनों के दुख में शामिल हैं। उनकी हरसंभव मदद की जाएगी। अरविंद राणा ने भी पीड़ित परिजनों की मदद का आश्वासन दिया है। 
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घटना की जानकारी देता युवक। - फोटो : amar ujala
परिजन मान रहे हादसा
एसडीएम बागपत अनुभव सिंह, सीओ बागपत अनुज मिश्रा और बड़ौत कोतवाली पुलिस ईंट भट्ठे पर पहुंचे। इस बाबत सीओ अनुज मिश्रा का कहना है कि परिजनों की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। वे इसे दुर्घटना मान रहे हैं। ऐसे में पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई है।
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