निरपुड़ा गांव से नलकूपों में चोरी के शक में कई युवकों को पूछताछ के लिए पुलिस चौकी पर लाया गया था। रोहित को छोड़कर बाकी सभी को छोड़ दिया गया था। परिजन पहुंचे, तो रोहित का शव चौकी में बने कमरे में फंदे पर लटका हुआ मिला।
नलकूपों में चोरी के शक में पूछताछ के लिए भड़ल पुलिस चौकी में लाए गए रोहित राणा (21) निवासी निरपुड़ा का शव चौकी के कमरे में पंखे पर बंधे गमझे से बने फंदे पर लटका मिला। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर जाम लगा दिया, जो एक घंटे बाद खोला गया। एसपी सूरज कुमार राय ने रोहित के आत्महत्या करने की बात कही। इसमें लापरवाही पर चौकी प्रभारी सुरेश कुमार, सिपाही आदेश कुमार व आकाश सैनी को निलंबित कर दिया।
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पुलिस चौकी पर पहुंचे एसपी।
- फोटो : अमर उजाला
निरपुड़ा गांव के मोहित ने बताया कि उसका भाई रोहित राणा (21) मेरठ की निजी कंपनी में नौकरी करता था, जो शुक्रवार को मेरठ से घर आ गया था। शनिवार सुबह पुलिसकर्मी उसके भाई रोहित, अभिनव, सोहित, सोहित के भाई रोहित को पकड़कर नलकूपों में चोरी के मामले में पूछताछ के लिए भड़ल पुलिस चौकी पर ले गए।
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने अभिनव, सोहित, सोहित के भाई रोहित को छोड़ दिया, जबकि उसके भाई रोहित को कमरे में बंद कर दिया। शनिवार शाम करीब पांच बजे अपने भाई से मिलने पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने मिलने नहीं दिया और उन्हें वहां से भगाने लगे।
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जाम लगाकर हंगामा करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
रोहित की दादी सुशीला के अनुसार पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाया तो उन्होंने चौकी में कमरे का दरवाजा खोला। जहां रोहित गमझे से बने फंदे पर लटका हुआ था। उसे नीचे उतारा तो उसकी मौत हो चुकी थी। वहां से पुलिसकर्मी रोहित को उठाकर गाड़ी में लेकर भाग गए। आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने चौकी में रोहित को मार डाला। इसकी सूचना पर लोगों की भीड़ लग गई और उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर एसपी सूरज कुमार राय, सीओ बड़ौत अंशु जैन के अलावा रमाला, बिनौली, बड़ौत थाने की पुलिस वहां पहुंची। इसके बाद परिवार वाले शव चौकी पर लाने की मांग पर अड़ गए मगर उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया।
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जाम लगाते लोग और तैनात पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
एसपी के अनुसार, रोहित को सुपुर्दगी में देने के लिए परिजनों को बुलाया गया था। तभी उसने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद करके गमझे को पंखे से बांधकर फंदा बनाया और उसपर लटककर फांसी लगा ली। दरवाजे को कुंदा तोड़कर खोला गया और उसे उतारकर अस्पताल लेकर पहुंचे तो चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद फोरेंसिक टीम ने वहां पहुंचकर जांच की और पूरे मामले के साक्ष्य जुटाए। उनके अनुसार उसकी दादी सुशीला ने तहरीर दी है। उसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। साधु की हत्या में जेल गया था रोहित
पुलिस के अनुसार कई साल पहले निरपुड़ा गांव के जंगल में साधु लाल गिरी महाराज की हत्या कर दी गई थी। इसमें पुलिस ने रोहित को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिसमें वह जमानत पर बाहर आ चुका है। रोहित के खिलाफ मेरठ में भी एक मामला दर्ज है।
दो भाइयों में छोटा था रोहित
ग्रामीणों ने बताया कि रोहित कई साल से मेरठ में रहकर निजी कंपनी में नौकरी करता था, जिसके साथ उसकी मां भी रहती थी। रोहित दो भाइयों में छोटा था। बहन सोनिया की शादी हो चुकी है, जबकि दादी सुशीला देवी गांव में दूसरे पोते मोहित के साथ रहती हैं।
जिला अस्पताल में शव छोड़कर भाग गए पुलिसकर्मी
निरपुड़ा गांव के रोहित का शव लेकर पुलिसकर्मी शनिवार रात जिला अस्पताल पहुंचे और शव छोड़कर भाग गए। इसके बाद आए परिजनों ने जिला अस्पताल में भी हंगामा किया।