उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र के निश्चिन्तपुर गांव में तीन सगे भाइयों की हत्या के मामले में स्थानीय पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। दरअसल मृतकों में से एक रामजी सिंह ने दो महीने पहले ही पुलिस के पास जाकर अपने व अपने परिवार की जान को खतरा बताया था। इसके बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। नतीजतन आरोपी पक्ष ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला।
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- फोटो : अमर उजाला
निश्चिंतपुर में तीन दिन पहले सगे भाइयों इंद्रबहादुर, रामजी सिंह व रवींद्र बहादुर की हत्या कर दी गई थी। मृतकों के पिता बरमदीन व उनके तीन भाई 2014 में दूसरे पक्ष के मुलायम सिंह की हत्या में जेल में हैं। चार बीघा विवादित जमीन, जिसको लेकर दोनों पक्षों में रंजिश चल रही थी, उसकी जुताई-बुवाई बरमदीन का ही परिवार करता था। हालांकि विपक्षी शिवनारायण के बेटे लगातार उस पर अपना दावा ठोकते हुए कब्जा करने की कोशिश करते थे।
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triple murder in prayagraj
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इस साल भी रामजी सिंह ने विवादित जमीन पर गेहूं की बुवाई की थी। खास बात यह कि मार्च के अंतिम सप्ताह में गेहूं की कटाई के वक्त उसने चौकी प्रभारी रामगढ विनोद सिंह से हमले की आशंका जताई थी। एक दिन पहले मौका मुआयना करने पहुंचे एडीजी जोन के पूछने पर चौकी प्रभारी ने यह बात स्वीकारी भी थी। कहा जा रहा है कि पुलिस ने उसी वक्त प्रभावी कार्रवाई की होती तो शायद इतनी बड़ी वारदात को रोका जा सकता था।
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13 आरोपी भेजे गए जेल
उधर, पुलिस ने मामले में गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों को शुक्रवार दोपहर जेल भेज दिया। इनमें सरिता, रंजना, राजकली, वंदना, ज्ञान सिंह, रवि सिंह, धीर सिंह, प्रेमशंकर, चंद्रशेखर, बुद्धिमान सिंह, आशीष सिंह, सुरेंद्र सिंह, धीर सिंह पुत्र शिरोमणि शामिल हैं। इनसे छह लाठियां, एक कटवासा, एक डीबीबीएल बंदूक बरामद की गई है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पीड़ित परिवार को धमकी
फरार आरोपी पीड़ित परिवार को धमका रहे हैं। मृतकों के बड़े भाई विंध्यवासिनी ने बताया कि घटना के बाद से भागे आरोपी रिश्तेदारों के जरिए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उसने शुक्रवार को कोरांव थाने जाकर भी पुलिस को यह बात बताई।