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प्रयागराज : आशीष गिरि की मौत का मामला भी सीबीआई जांच के दायरे में, कैसे हुई मौत, किसके दबाव में नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट

Mon, 04 Oct 2021 02:02 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच करने फिर मठ बाघंबरी गद्दी पहुंची सीबीआई की टीम। - फोटो : प्रयागराज
महंत नरेंद्र गिरि की मौत का राज खोलने के लिए की जा रही जांच के दायरे में निरंजनी अखाड़े के सचिव आशीष गिरि की मौत का मामला भी शामिल हो सकता है। आशीष गिरि की मौत कैसे हुई, क्यों पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट नहीं दर्ज की, आखिर किसके दबाव में पुलिस अफसरों ने मामले की जांच तक कराने की जहमत नहीं उठाई, इन सवालों का जवाब भी ढूंढ़ा जा सकता है। गौरतलब है कि आशीष गिरि की मौत के मामले को भी पुलिस ने सुसाइड करार दिया था। जबकि जिन हालात में उनकी मौत हुई, उसे लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हुए थे।
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Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच करने फिर मठ बाघंबरी गद्दी पहुंची सीबीआई की टीम। - फोटो : प्रयागराज
महंत आशीष गिरि निरंजनी अखाड़े के सचिव थे जो 17 नवंबर 2019 को दारागंज स्थित अखाड़े के आश्रम में संदिग्ध हाल में मृत पड़े मिले थे। कनपटी पर गोली लगने से उनकी मौत हुई थी और पुलिस ने इसे सुसाइड बताया था। लेकिन मौके के हालात ऐसे थे जिनसे पुलिस की थ्योरी सवालों के घेरे में आ गई थी। मसलन मौके से दो खोखे बरामद होना समेत कई अन्य बातें ऐसी थीं, जिनसे मामला संदिग्ध हो गया था।
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Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी में चल रही महंत नरेंद्र गिरि के षोडशी की तैयारी। - फोटो : प्रयागराज
पुलिस ने इस मामले में मौके से मौजूद पिस्टल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने को कहा था, लेकिन अब तक इसकी रिपोर्ट का कुछ अता-पता नहीं है। तमाम सवाल उठने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में एफआईआर नहीं दर्ज की।

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Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी। - फोटो : प्रयागराज
आनंद गिरि ने लगाया था हत्या का आरोप
आशीष गिरि की मौत के मामले को लेकर सवाल तब और ज्यादा मुखर हो गए, जब गुरु से विवाद के बाद आनंद गिरि ने आशीष गिरि की मौत को हत्या बताया था। उसने आरोप लगाया था कि आशीष अखाड़े की संपत्ति बेचने का विरोध कर रहे थे और इसी वजह से उन पर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। लेकिन तब भी मामले को लेकर पुलिस की ओर से जांच के लिए कोई पहल नहीं की गई।
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Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच करने मठ बाघंबरी गद्दी पहुंची सीबीआई की टीम। - फोटो : प्रयागराज
महंत ने बताया था, शराब पीने के आदी थे आशीष
आशीष गिरि की मौत के मामले में सबसे खास बात यह है कि पुलिस के साथ ही महंत नरेंद्र गिरि ने भी इसे सुसाइड बताया था। साथ ही कहा था कि आशीष शराब पीने के आदी थे और इसके चलते उनका लीवर खराब हो गया था। बीमारी के चलते परेशान होकर उन्होंने सुसाइड किया। जबकि आनंद गिरि ने महंत की बातों का खंडन किया था। हालांकि महंत की ओर से मामले को लेकर आननफानन में जो बयान दिया गया, उसे लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े हुए थे।
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Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि। फाइल फोटो - फोटो : प्रयागराज
आला पुलिस अफसरों ने साधी थी चुप्पी
आशीष गिरि की मौत के मामले में पुलिस अफसरों की चुप्पी बेहद चौंकाने वाली थी। सबसे खास बात यह है कि उस मामले में भी मौके पर पहले पहुंचने वाले पुलिस अफसरों में आईजी केपी सिंह ही शामिल थे। लेकिन इस मामले को लेकर पुलिस अफसरों ने चुप्पी साध ली थी। पहले तो अफसर यह कहते रहे थे कि दारागंज पुलिस मामले की जांच में जुटी है। लेकिन बाद में इस मामले में आधिकारिक तौर पर कुछ कहने से ही इंकार करने लगे।
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Prayagraj News : योग गुरु आनंद गिरि और महंत नरेंद्र गिरि। फाइल फोटो - फोटो : प्रयागराज
जरूरत पड़ती है तो देंगे तहरीर
इस मामले में आनंद गिरि के अधिवक्ता विजय द्विवेदी का कहना है कि उनके मुवक्किल की ओर से महंत आशीष गिरि की मौत की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग लगातार की जाती रही है। ऐसे में इस मामले की गहनता से पड़ताल की जानी चाहिए। पुलिस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करे। उनका यह भी कहना है कि इस मामले में जरूरत पड़ती है तो वह तहरीर देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उनका यह भी कहना है कि अखाड़े में एक के बाद एक हो रही संतों की मौत का राज सामने आना ही चाहिए। 
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