नवाबगंज में पत्नी व तीन मासूम बच्चों को मौत के घाट उतारने की घटना की वजह लाखों का कर्ज व अवैध संबंध के रूप में सामने आई हैं। फिलहाल पुलिस इस बाबत कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि यही वह वजहें थीं जिसने एक पति और एक पिता को हैवान बनने पर मजबूर कर दिया। उधर मृतक की सास ने भी उस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि राहुल शुरू से ही कम समय में ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाना चाहता था। उसका रहन-सहन किसी अफसर से कम नहीं था। पत्नी व बच्चों को भी वह महंगे कपड़े पहना कर रखता था। आय का कोई स्रोत तो था नहीं, ऐसे में वह कर्ज लेकर अपने खर्च पूरे करने लगा। नतीजा यह हुआ कि वह कुछ ही दिनों में लाखों का कर्जदार हो गया। हालात इस कदर हुए कि रुपये वापस न मिलने पर लोग उसके घर पर तगादा करने लगे। जिसे लेकर वह परेशान रहा करता था। इसके बावजूद वह लोगों से कर्ज लेता रहा और विरोध करने पर पत्नी से झगड़ता भी था।
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नवाबगंज में पांच लोगों की हत्या के बाद रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : प्रयागराज
इसकी भी रही चर्चा
कौशाम्बी के कोखराज स्थित भदवां गांव निवासी त्रिपुरारी तिवारी के तीन बेटे मुन्ना, राहुल व विवेक तिवारी थे। ग्रामीणों के मुताबिक, राहुल ने करीब 20 साल पहले बाबा से उनकी 11 बीघे जमीन अपने नाम वरासत करा ली थी। इसकी जानकारी पर घर में काफी विवाद हुआ। बाद में वसीयत बदलनी पड़ी। लेकिन इसकी फिलहाल पुष्टि नहीं हो सकी।
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पांच लोगों की मौत के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की तैयारी करते पुलिसकर्मी।
- फोटो : प्रयागराज
आखिर कौन था करीबी पुलिसवाला?
मृतक राहुल की सास ने अपने बयान में एक भाष्कर नाम के व्यक्ति का जिक्र किया। बताया कि राहुल उसके हाथ परिवार की एक महिला को बेचना चाहता था। हालांकि, यह भाष्कर कौन है? इस बाबत वह कुछ नहीं बोल सकी।
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नवाबगंज में पांच लोगों की हत्या के बाद रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : प्रयागराज
वहीं चर्चा रही कि भाष्कर सिपाही है। कुछ दिनों पहले उसकी तैनाती जिले के एक थाने में थी। तब राहुल अंदावा में ही रहकर मवेशियों की खरीद-फरोख्त करता था। इसी बीच उसकी भाष्कर नाम के सिपाही से दोस्ती हुई थी। चर्चा रही कि अभी भी भाष्कर का राहुल के परिवार से करीबी रिश्ता है।
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नवाबगंज में पांच लोगों की मौत।
- फोटो : अमर उजाला
एक साथ जली पांच चिताएं, भर आईं आंखें
पंचायतनामे की कार्यवाही में देरी के चलते पोस्टमार्टम रात तक चला। इसके बाद पांचों शव रसूलाबाद घाट पर ले जाए गए जहां अंतिम संस्कार किया गया।
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नवाबगंज में पांच लोगों की हत्या के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
घाट पर जब एक साथ पांच चिताएं जलीं तो वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। घटना की जानकारी पर गांव से भी बहुत लोग आ गए थे। उधर परिवार के लोग बिलखते रहे।
नवाबगंज में पांच लोगों की हत्या के बाद मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
सभी हिरासत में लिए गए
घटना की जानकारी के बाद अफसरों ने कौशाम्बी पुलिस को भी अलर्ट कर दिया था। सूत्रों का कहना है कि सुसाइड नोट में लिखे नामों की जानकारी दी गई जिस पर कुछ देर बाद ही कौशाम्बी पुलिस ने दबिश देकर सभी को हिरासत में ले लिया। इनमें हत्या के आरोप में नामजद कराए गए चारों आरोपी भी शामिल हैं। इनमें राहुल की पत्नी के दो भाई भी हैं। देर रात तक उनसे पूछताछ की जाती रही।