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Prayagraj Family Murder Case: फोरेंसिक टीम के पहुंचने से पहले ही शवों को मर्चरी भेजने पर उठे सवाल

Mon, 25 Apr 2022 01:05 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

घटना की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने कुछ देर बाद ही शवों को मर्चरी भेजवा दिया था। जब इस बात की जानकारी मृतक दंपति की बहू के मायकेवालों को मिली तो उन्होंने हंगामा कर दिया था।
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Prayagraj Murder Case - फोटो : अमर उजाला
एक परिवार केपांच लोगों की जघन्य हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल घटना की जानकारी के तुरंत बाद ही शवों को मर्चरी भेजवा दिया गया था। जिसे लेकर परिजनों ने हंगामा भी किया था। यह भी कहा जा रहा है कि फोरेंसिक टीम के पहुंचने से पहले ही शवों को मर्चरी भेजवाने से सबूत नष्ट होने की भी आशंका है।


गौरतलब है कि घटना की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने कुछ देर बाद ही शवों को मर्चरी भेजवा दिया था। जब इस बात की जानकारी मृतक दंपति की बहू के मायकेवालों को मिली तो उन्होंने हंगामा कर दिया था। उन्होंने जाम लगाने की भी कोशिश की थी। समझाने की कोशिश करने पर आला अफसरों के साथ ही पुलिसकर्मियों से उनकी नोकझोंक भी हुई थी।


उनका कहना था कि बिना उनके देखे पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए क्यों भेजा। हालांकि अफसरों का तर्क था कि हमले में गंभीर रूप से जख्मी कुसुम देवी की सांसें चल रही थीं। अन्य लोगों के भी जीवित होने की भी संभावना थी, ऐसे में सभी को जल्द से जल्द अस्पताल भेजवाया गया। उधर जानकार भी पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे है। उनका कहना है कि बिना फोरेंसिक टीम के मौके पर पहुंचे शव भेजवाने से सबूत नष्ट होने की भी बहुत संभावना है।


दरअसल फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंचकर बहुत ही बारीकी से एक-एक चीज का मुआयना करती है। मृतकों के शरीर और कपड़ों से भी नमूने संकलित करती है। ज्यादातर केसों में यह वैज्ञानिक साक्ष्य ही अहम सबूत साबित होते हैं जो न सिर्फ खुलासे बल्कि आरोपियों को सजा दिलाने में भी निर्णायक होते हैं। ऐसे में शवों को मर्चरी भेजने में की गई जल्दबादी केस के खुलासे में देरी का कारण भी बन सकती है।
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Prayagraj Murder Case - फोटो : अमर उजाला
सर्विलांस केसहारे संदिग्ध नंबरों की तलाश
उधर मामले की जांच में लगी पुलिस टीम सर्विलांस के सहारे भी संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है। पता लगाया जा रहा है कि घटना वाली रात घटनास्थल के आसपास कितने मोबाइल नंबर सक्रिय थे। हालांकि इस थ्योरी के आधार पर पुलिस के लिए अपराधियों तक पहुंच पाना टेढ़ी खीर है। क्योंकि उस रात गांव में दो बारातें भी आई थीं। ऐसे में सक्रिय नंबरों की संख्या ज्यादा हो सकती है। लेकिन फिर भी सर्विलांस के सहारे संदिग्ध नंबरों को चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है।
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Prayagraj News : खून से लथपथ चारपाई। - फोटो : अमर उजाला
छेमार गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश
उधर छेमार गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश में एक टीम बिहार भेजी गई है। रोहतास केरहने वाले इस गैंग के चार सदस्य पिछले पांच महीनों से फरार चल रहे हैं। पिछले साल नवंबर में मुठभेड़ के दौरान इस गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जिले में हुए पांच सामूहिक हत्याकांडों का खुलासा किया था। साथ ही बताया था कि गिरोह के चार सदस्य फरार हो गए हैं जिनकी तलाश की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि इनकी तलाश में एक टीम बिहार के रोहतास के लिए रवाना की गई है।

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Prayagraj News : थरवई के खैवजपुर गांव में सामूहिक हत्याकांड के बाद घर में लगाई गई आग। - फोटो : अमर उजाला
जादूगर हिरासत में, घंटों पूछताछ
मृतकों के घर के पास ही स्थित झोपड़ी में रहने वाले जादूगर से भी रविवार को घंटों पूछताछ की गई। उससे पूछताछ की गई कि घटना वाली रात वह कहां था। उसके मोबाइल की भी जांच पड़ताल चलती रही। दरअसल शनिवार को वारदात के बाद जांच पड़ताल के दौरान ही पुलिस को घटनास्थल से कुछ दूर पर स्थित एक झोपड़ी दिखाई दी थी। पुलिस वहां पहुंची तो पता चला कि यहां सरायचंडी का रहने वाला जादूगर रहा करता है।


इस कथित जादूगर ने बैनर भी टांग रखा था। मौके से बिस्तर, माचिस और पूजा का सामान मिला। मौके की स्थिति देखकर यह भी लग रहा था कि  यहां तंत्रमंत्र की भी साधना होती थी। पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ की, लेकिन वह उसके बारे में ज्यादा नहीं बता पाए। इसके बाद पुलिस की एक टीम उसकी तलाश में भी जुट गई थी। रविवार को उसे हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद देर रात तक पूछताछ चलती रही।
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Prayagraj Murder Case - फोटो : अमर उजाला
एफएसएल भेजी गई वैजाइनल स्वैब व स्लाइड
प्रयागराज। थरवई हत्याकांड में मारे गए दंपति की बहू व बेटी के वैजाइनल स्वैब व स्लाइड रविवार को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिए गए। गौरतलब है कि घटनास्थल पर दोनों के कपड़े अस्त-व्यस्त मिलने से उनके साथ अनहोनी की भी आशंका जताई जा रही थी। हालांकि पुलिस अफसरों का कहना था कि पोस्टमार्टम में दुष्कर्म के संबंध में पुष्टिकारक साक्ष्य नहीं मिले हैं। साथ ही यह भी बताया था कि दोनों मृतकाओं के वैजाइनल स्वैब व स्लाइड प्रिजर्व कर ली गई है। रविवार को दोनों ही जांच के लिए एफएसएल भेज दिए गए। अफसरों का कहना है कि लैब में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा।
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मृतक मां-बेटी के फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
देर रात हुआ दो शवाें का अंतिम संस्कार
उधर फाफामऊ घाट पर दो शवों का अंतिम संस्कार देर रात हुआ। दरअसल दंपति व उनकी बेटी का अंतिम संस्कार हो गया था लेकिन मायकेवालों ने बहूू व उसकी एक साल की बेटी का अंतिम संस्कार करने से सुनील को रोक दिया था। उनका कहना था कि मृतका के पिता मुंबई में हैं और उनके आने के बाद ही अंत्येष्टि की जाए। देर रात तक इंतजार होता रहा और इसकेबाद पता चला कि पिता सुबह आ पाएंगे। जिसके बाद मायकेवालों की रजामंदी के बाद सुनील ने पत्नी व बेटी का अंतिम संस्कार किया।
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Prayagraj News : जांच करते आईजी। - फोटो : अमर उजाला
आईजी पहुंचे थरवई थाने
हत्याकांड के दूसरे दिन आईजी राकेश सिंह रविवार को थरवई थाने पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिसकर्मियों को दिशा-निर्देश दिए। कहा कि बीट पुलिसिंग के संबंध में दिए गए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। फुट पेट्रोलिंग नियमित रूप से की जाए। लंबित मामलों की समीक्षा की और विवेचकों को निस्तारण के लिए निर्देशित किया। कहा कि निर्देशों का पालन न होने की स्थिति में संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 
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