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नरेंद्र गिरि : प्रॉपर्टी डीलिंग के धंधे में लग रहा था मठ का पैसा? महंत और प्रॉपर्टी डीलरों के बीच लेनदेन की बातों से उठे सवाल

Mon, 04 Oct 2021 02:03 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सुसाइड नोट में शैलेंद्र सिंह सेंगर और आदित्य मिश्रा का नाम है और दोनों ही प्रॉपर्टी के धंधे से सीधे तौर पर जुड़े रहे हैं। शैलेंद्र सिंह एफसीआई का ठेकेदार होने के साथ ही बिल्डर भी है और बाघंबरी मठ के ठीक बगल स्थित अपार्टमेंट भी उसी का बताया जाता है।
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Prayagraj News : सीबीआई टीम ने मठ बाघंबरी गद्दी में पहुंचकर छानबीन की। - फोटो : प्रयागराज
महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद जिस तरह से बाघंबरी मठ व प्रॉपर्टी डीलरों के कनेक्शन की बात सामने आई है, उससे कई तरह के सवाल भी खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मठ के पैसों को प्रॉपर्टी डीलिंग के धंधे में लगाया जा रहा था। ऐसा नहीं था तो प्रॉपर्टी के धंधे से जुड़े लोगों व महंत के बीच लाखाें के लेनदेन की क्या वजह थी। आखिर क्यों प्रॉपर्टी डीलरों को लाखों रुपये दिए गए जिसका जिक्र महंत के कमरे से बरामद सुसाइड नोट में भी है?
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Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि। फाइल फोटो - फोटो : प्रयागराज
महंत के कमरे से बरामद सुसाइड नोट में जिन दो लोगों का नाम बकायेदारों के तौर पर लिखा है, वह सीधे-सीधे प्रॉपर्टी के धंधे से जुड़े हुए हैं। जमीन की ही खरीद-फरोख्त का काम करने वाले कई अन्य लोगों केभी मठ की लगातार परिक्रमा करने की बातें भी सामने आई हैं। एक बड़े बिल्डर से महंत का कनेक्शन की बात लगभग सभी को पता है। शहर के एक डॉक्टर से भी जमीन को लेकर एक बड़ी रकम के सौदे की बात महंत से हुई थी।
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Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी। - फोटो : प्रयागराज
एक बड़ी बात यह है कि महंत के कई बेहद करीबी भी पिछले कुछ सालों में ही करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी के मालिक बन गए।  इनमें उनके गनर के साथ ही शिष्य भी शामिल हैं। ऐसे में एक बड़ा सवाल यह है कि क्या मठ से जुड़े पैसे प्रॉपर्टी के धंधे में लगाए जा रहे थे। आखिर क्या वजह थी कि  महंत का प्रॉपर्टी का काम करने वाले लोगों से लाखों में लेनदेन था। वजह प्रॉपर्टी नहीं थी, तो आखिर वह कौन सी वजह थी जिसके लिए मठ से सीधे तौर पर न जुड़े होने के बाद भी उन लोगों को लाखों रुपये दिए गए।

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Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि और योग गुरु आनंद गिरि। फाइल फोटो - फोटो : प्रयागराज
25-25 लाख के बकायेदार
गौरतलब है कि सुसाइड नोट में शैलेंद्र सिंह सेंगर और आदित्य मिश्रा का नाम है और दोनों ही प्रॉपर्टी के धंधे से सीधे तौर पर जुड़े रहे हैं। शैलेंद्र सिंह एफसीआई का ठेकेदार होने के साथ ही बिल्डर भी है और बाघंबरी मठ के ठीक बगल स्थित अपार्टमेंट भी उसी का बताया जाता है। इसी तरह कभी बड़े हनुमान मंदिर परिसर में दुकान चलाने वाला आदित्य मिश्रा भी जमीन के धंधे से जुड़ा हुआ है। सुसाइड नोट में इन दोनों को 25-25 लाख का बकायेदार बताया गया है।
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Prayagraj : नरेंद्र गिरि (फाइल फोटो)। - फोटो : सोशल मीडिया
करोड़ों की जमीन खरीदने में थे साझेदार
बाघंबरी मठ के पैसों को प्रॉपर्टी डीलिंग के काम में लगाए जाने की चर्चा के बीच ही एक अन्य जमीन की खरीद में भी महंत के साझेदार होने की बात सामने आई है। मुट्ठीगंज के मालवीय नगर में स्थित आश्रम की करोड़ों रुपये मूल्य की तीन बीघा जमीन को नैनी, अरैल के रहने वाले एक प्रॉपर्टी डीलर ने खरीदा है जो महंत का बेहद करीबी बताया जा रहा है। महंत कई बार उसके घर भी आ जा चुके थे। चर्चा है कि इस सौदे में महंत ने भी करोड़ों रुपये दिए थे। 
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