घटना के दिन किसी भी आरोपी की लोकेशन खागलपुर गांव में नहीं पाई गई है। इससे यह जाहिर हो रहा है कि घटना को अंजाम राहुल ने ही दिया है और बाद में अपनी भी जान दे दी। वह जिन लोगों से परेशान था उनका नाम सुसाइड नोट में लिख दिया है।
नवाबगंज के खागलपुर में हुई पांच लोगों की हत्या के मामले में पुलिस जल्द की किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकती है। इस हत्याकांड का खुलासा पुलिस कभी भी कर सकती है। परिवार के करीबी संदीप के बयान के बाद बाद गुत्थी लगभग सुलझ गई है। घटना को लेकर जिस तरह की आशंका जाहिर की जा रही थी वह लगभग सही साबित होताी दिख रही है। पुलिस को अभी तक की पूछताछ में बाहरी व्यक्ति के द्वारा हत्या के कोई सुराग नहीं मिल सके हैं।
राहुल ने मौत से पहले जो सुसाइड नोट लिखा था इसमें कसूरवार बताए गए अधिकांश लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भी भेज चुकी है। इन सबके ऊपर आत्महत्या के लिए उकसाने की ही धाराएं लगाई गई हैं, क्योंकि मोबाइल कॉल डिटेल्स और लोकेशन में जो तथ्य सामने आए हैं वह काफी चौकाने वाले हैं। राहुल के पोस्टमार्टम के बाद भी स्थिति साफ हो गई है।
घटना के दिन किसी भी आरोपी की लोकेशन खागलपुर गांव में नहीं पाई गई है। इससे यह जाहिर हो रहा है कि घटना को अंजाम राहुल ने ही दिया है और बाद में अपनी भी जान दे दी। वह जिन लोगों से परेशान था उनका नाम सुसाइड नोट में लिख दिया है। पुलिस की जांच में भी यह बात सामने आई है कि राहुल के संबंध ससुराल के लोगों से ठीक नहीं चल रहे थे।
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Prayagraj News : नवाबगंज में पांच लोगों की मौत।
- फोटो : अमर उजाला
संदीप के बयान के ईर्दगिर्द ही घूम रही सभी जांच
जमीन और पैसे को लेकर विवाद काफी आगे बढ़ गया था। आर्थिक तंगी और तगादेदारों से परेशान होकर राहुल ने यह कदम उठाया है। घटना के खुलासे के लिए सात टीमों का गठन किया गया है लेकिन सभी टीमों की जांच में बात वहीं पर घूम फिरकर आ जा रही है, जो बात परिवार के करीबी संदीप ने पुलिस की पूछताछ में बताया है। पति-पत्नी के बीच भी विवाद काफी गहरा गया था।
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Prayagraj Murder case
- फोटो : अमर उजाला
कर्ज और आर्थिक दंगी के कारण तनाव में था राहुल
ऐशो आराम की जिंदगी जीने वाला राहुल आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ के तले दबे होने के कारण काफी अवसाद में चला गया था। तनाव में आकर ही उसने परिवार को खत्म करने का निर्णय लिया होगा। सभी टीमों की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस जल्द की इस सामूहिक हत्याकांड का खुलासा कर सकती है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो भले ही राहुल के द्वारा ही परिवार का सफाया किया गया हो लेेकिन उसने जिन लोगों के नाम सुसाइड नोट में लिखे हैं फिलहाल उन्हें राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। पुलिस का मानना है कि राहुल को यह कदम उठाने के लिए इन्हीं लोगों ने मुख्य भूमिका अदा की।
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Prayagraj Murder case
- फोटो : अमर उजाला
हत्या के बाद खुदकुशी की ओर इशारा कर रहे साक्ष्य
खागलपुर हत्याकांड में 48 घंटे की जांच के बाद हालात व सबूत हत्या के बाद खुदकुशी की ही ओर इशारा कर रहे हैं। रविवार को भी जांच के दौरान कई ऐसी बातें सामने आईं, जो पुलिस की ही थ्योरी को और बल दे रही हैं। इसमें क्राइम सीन के साथ ही सुसाइड नोट और परिवार के बेहद करीबी संदीप पाल का बयान शामिल है। फिलहाल पुलिस अफसर कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं, लेकिन उनका कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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Prayagraj News : नवाबगंज में पांच लोगों की हत्या के बाद रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सुसाइड नोट पर ही उठे सवाल
घटना के बाद हत्या और हत्या के बाद खुदकुशी की दो थ्योरियां सामने आईं थीं। एक थ्योरी के अनुसार राहुल ने ही पत्नी- बच्चों को मारने के बाद खुदकुशी कर ली। जबकि दूसरी थ्योरी में आशंका जताई गई कि पत्नी-बच्चों को मारने के बाद राहुल को भी मारकर फांसी पर लटका दिया गया।
पुलिस की उलझन इसलिए भी बढ़ गई क्योंकि सुसाइड नोट में राहुल ने ससुरालपक्ष के 11 लोगों के नाम लिखे। साथ ही यह भी लिख दिया कि उन्होंने घर आकर उसकी पत्नी व बच्चों की हत्या कर दी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पड़ताल के क्रम में सामने आई बातों व साक्ष्यों से दूसरी थ्योरी कमजोरी पड़ गई।
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राहुल तिवारी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
1. राहुल के शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं
हत्या के बाद खुदकुशी की थ्योरी को जिन तथ्यों के आधार पर सबसे ज्यादा मजबूती मिल रही है, उसमें से एक यह है कि राहुल के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले। पोस्टमार्टम के दौरान, चोट ही नहीं बल्कि उसके शरीर पर खरोंच के भी निशान नहीं थे। माना जा रहा है कि हत्या में कोई अन्य शामिल होता तो राहुल पर भी जरूर हमला करता। या उसने भी हमलावरों से संघर्ष जरूर किया होता। ऐसे में राहुल के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिलना यही इशारा करता है कि कमरे में किसी अन्य की एंट्री नहीं हुई।
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Prayagraj Murder case
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2. घर का सामान अपनी जगह सुरक्षित
दूसरी थ्योरी को बल देने वाला एक और तथ्य यह है कि घर का सारा सामान अपनी जगह सुरक्षित है। दरअसल मौका मुआयना करने वाले अफसरों ने बताया कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां सारा सामान सुरक्षित मिला। जिस कमरे में महिला व बच्चों के शव मिले, उसमें भी कोई भी सामान अस्त-व्यस्त नहीं था। घर के दरवाजों पर लगने वाले ताले भी सुरक्षित मिले। कोई सामान भी गायब नहीं था। पुलिस अफसर घंटों जांच पड़ताल में जुटी रही लेकिन घर में किसी के जबरन घुसने से संबंधित कोई भी साक्ष्य नहीं मिला।
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घर के बाहर खड़ी भीड़
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3. परिवार के बेहद करीबी संदीप का बयान
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या के बाद खुदकुशी की थ्योरी को मजबूती मृतक परिवार के बेहद करीबी संदीप पाल के बयान से भी मिलती है। वह राहुल के साथ साए की तरह रहता था और उसके बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाता था। पड़ोसियों ने भी बताया है कि प्रीति संदीप को अपने बच्चों जैसा मानती थी और वह रोज परिवार के साथ ही खाना खाता था।
एक अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि संदीप ने बताया है कि पति-पत्नी के बीच रिश्ते अच्छे नहीं थे और उनमें आए दिन झगड़ा होता था। यह भी बताया है कि राहुल ससुराल पक्ष से चल रहे विवाद, कर्जदारी आदि से इतना परेशान था कि कई बार खुदकुशी की बात कह चुका था। कुछ मौकों पर तो उसने यह तक कहा कि मन करता है कि सभी को मारकर खुद मर जाऊं।
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Prayagraj News : नवाबगंज के खागलपुर में पांच लोगों की हत्या के बाद रोते-बिलखते परिजन।
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4. गहरे मानसिक तनाव से जूझ रहा था
संदीप के बयान से यह भी पता चला है कि राहुल गहरे मानसिक तनाव से भी जूझ रहा था। सूत्रों के मुताबिक, उसने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि राहुल ने ससुराल में एक आलीशान मकान बनवाया था, जिसमेें लाखों रुपये लगवाए थे। इसके लिए उसने काफी कर्ज भी लिया था। बाद में पत्नी के भाइयों से विवाद के बाद उसे मकान से हाथ धोना पड़ा।
यही नहीं जिस जमीन को उसने अपनी सास से अपने नाम बैनामा कराया था, वह भी उसके कब्जे से निकल गई, जिसके संबंध में उसका अपने छोटे साले से मुकदमा चल रहा था। परिवार की एक महिला से भी उसके बेहद करीबी संबंध थे। जिसे लेकर पत्नी से उसका विवाद होता रहता था। कर्जदारी, विवाद व पत्नी से लगातार रिश्ते के बिगड़ने से वह गहरे तनाव में रहने लगा था।
Prayagraj News : नवाबगंज में पांच लोगों की मौत।
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5. आरोपियों की घटनास्थल पर नहीं मिली लोकेशन
सुसाइड नोट में राहुल की ओर से लिखी गई बातों के गलत मिलने से भी इसी थ्योरी को मिल रहा है कि पत्नी-बच्चों की हत्या में किसी अन्य व्यक्ति का हाथ नहीं। दरअसल सुसाइड नोट में 11 नाम लिखते हुए उसने यह भी लिखा कि उसके ससुराल पक्ष के लोग ही दो गाड़ियों से आए और प्रीति व बच्चों की हत्या करके चले गए। पुलिस ने जब घटना वाली रात उपरोक्त आरोपियों की लोकेशन जांची तो यह घटनास्थल पर नहीं मिली। यही नहीं, एडीजी जोन प्रेमप्रकाश ने भी ग्रामीणों व आसपास के अन्य लोगों से पूछताछ की तो उन्होंने यही बताया कि घटना वाली रात मृतक के घर के आसपास किसी गाड़ी को आते उन्होंने नहीं देखा था।
क्या कहते हैं अधिकारी
क्राइम सीन, सुसाइड नोट व सामने आए साक्ष्यों के आधार पर गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। घटना का शीघ्र ही खुलासा कर दिया जाएगा -अजय कुमार, एसएसपी