गंगा दशहरा पर रविवार को कोविड प्रोटोकाल तोड़कर हजारों श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। न लोगों के चेहरे पर मास्क न सामाजिक दूरी की चिंता रही। जाने-अनजाने में किए पापों से मुक्ति के लिए लोग बढ़े तो बढ़ते रहे। त्रिवेणी संगम पर एक तरफ स्नान और दूसरी ओर दीपदान, आरती होती रही। कोई घर, परिवार के मंगल के लिए मां गंगा से मनौती करता रहा तो कोई कोरोना संक्रमण से मुक्ति के लिए दीप जलाता रहा। इस दौरान गंगा के तटों पर अभिषेक, पूजा और आरती भी हुई।