अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के 16 दिन बीत गए लेकिन अभी तक रहस्य अनसुलझा ही है। सीबीआई मामले की छानबीन में जुटी है। आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किए गए आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी की रिमांड के बावजूद अभी तक कुछ हासिल नहीं किया जा सका है।
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Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी में महंत बलवीर गिरि की विधि विधान से हुई चादर विधि।
- फोटो : प्रयागराज
बाघंबरी मठ की गद्दी की बागडोर संभालने के बाद नए महंत बलवीर गिरि ने कहा कि वह अपने गुरु नरेंद्र गिरि की मौत का सच हर हाल में सामने लाकर रहेंगे। चादर विधि के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अपने गुरु के पदचिह्नों पर चलकर बाघंबरी मठ को आगे बढ़ाने की बात कही। बलवीर गिरि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि से डेढ़ दशक से जुड़े रहे हैं। वह मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले हैं। उन्होंने वर्ष 2005 में घर- परिवार त्यागकर निरंजनी अखाड़े में महंत नरेंद्र गिरि से संन्यास की दीक्षा ली थी।
वर्ष 2005 में बलवीर ने ली थी नरेंद्र गिरि से संन्यास दीक्षा
बलवीर गिरि वर्ष 1998 में पहली बार निरंजनी अखाड़े के संपर्क में आए। महंत नरेंद्र गिरि से उनका संपर्क 2001 में हुआ। उस वक्त नरेंद्र गिरि निरंजनी अखाड़े के कारोबारी महंत थे। उत्तराखंड के निवासी बलवीर वर्ष 2005 में नरेंद्र गिरि से संन्यास दीक्षा लेकर निरंजनी अखाड़े में शामिल हो गए।
वह 2019 से हरिद्वार स्थित बिल्केश्वर महादेव मंदिर की व्यवस्था संभाल रहे थे। महंत नरेंद्र गिरि ने बलबीर गिरि को हरिद्वार आश्रम की जिम्मेदारी दी थी। आनंद गिरि के निष्कासन के बाद बलबीर ही मठ का पूरा कामकाज संभाल रहे थे। किसी भी प्रमुख आयोजन में महंत नरेंद्र गिरि उन्हें अपने साथ रखते थे।
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Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी में महंत बलवीर गिरि की विधि विधान से हुई चादर विधि।
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बलवीर गिरि बाघंबरी गद्दी मठ के महंत नियुक्त, निरंजनी अखाड़े ने की ताजपोशी
समाधि पूजा, पुष्पांजलि, दीपदान के बाद देश भर से पहुंचे महामंडलेश्वरों-महंतों के हाथों चादर विधि की रस्म पूरी होने के साथ ही मंगलवार को बलवीर गिरि ने प्रयागराज के बाघंबरी मठ की गद्दी संभाल ली। चादर विधि के बाद पंचायती निरंजनी अखाड़े की ओर से उन्हें महंत नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी के तौर पर बाघंबरी मठ का महंत नियुक्त किया गया। ताजपोशी के बाद नए महंत बलवीर ने अपने गुरु की समाधि पर शीश नवाया और उनके पदचिह्नों पर चलकर मठ परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
मठ के आगंतुक कक्ष में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाए जाने के बाद अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की जगह उनके उत्तराधिकारी के रूप में बलवीर गिरि ने ले ली। दोपहर करीब 12 बजे मठ के विचारानंद संस्कृत वेद विद्यालय परिसर में बने भव्य मंच पर अखाड़ों के प्रतिनिधियों, पीठाधीश्वरों और महामंडलेश्वरों और महंतों ने चादर विधि में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सबसे पहले शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वर आश्रम महाराज की मौजूदगी में निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद ने बलवीर को टीका लगाया और महंतई की चादर ओढ़ाई।
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Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी में महंत बलवीर गिरि की विधि विधान से ताजपोशी हुई।
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इसके बाद अखाड़ा परिषद के महामंत्री और जूना अखाड़े के संरक्षक महंत हरि गिरि, अग्नि अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्लवर बालकानंद गिरि, जूना अखाड़े के महंत प्रेम गिरि, महामंडलेश्वर यतींद्रानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर यमुनापुरी समेत राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, उत्तराखंड और जम्मू समेत कई राज्यों से आए साधु-संतों, वेद विद्यालय के बटुकों, आचार्यों, सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी महंतई चादर ओढ़ाई। करीब घंटे भर चली चादर विधि के बाद फूलमाला से लदे बलवीर अपने गुरु नरेंद्र गिरि की समाधि पर पहुंचे। वहां उन्होंने संक्षिप्त पूजा की और फूलमाला चढ़ाकर नमन किया।
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सीएम-डिप्टी सीएम ने भेजी चादर
बाघंबरी मठ के नए महंत की चादर विधि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी चादर शामिल हुई। सीएम ने इस समारोह के लिए चादर भेजी थी। इनके अलावा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी षोडशी और चादर विधि में शामिल नहीं हो सके। लेकिन, उनकी ओर से चादर भेजी गई।
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षोडशी पर महंत नरेंद्र गिरि की मौत के खुलासे की संतों ने उठाई आवाज
षोडशी पूजा पर मंगलवार को बाघंबरी गद्दी मठ में महंत की मौत के अनसुलझे रहस्य को लेकर हर तरफ सवाल उठते रहे। इस दौरान संतों ने महंत की मौत के खुलासे की आवाज उठाई। उनका कहना था कि जांच एजेंसियों को हर पहलू पर नजर रखते हुए इस घटना का खुलासा करना चाहिए, ताकि सच सामने आ सके। मौत के 16 दिन बाद भी वजहों का खुलासा न हो पाने को लेकर लोग सशंकित नजर आए।
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Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी में महंत बलवीर गिरि की विधि विधान से ताजपोशी हुई।
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समारोह के दौरान कई संत और अनुयायी यह भी चर्चा करते रहे कि अब कुछ पता नहीं चलेगा। उधर, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि भी इस गम से उबर नहीं पा रहे हैं। उन्होंने षोडशी के बाद कहा कि अपराधी चाहे जहां भी छिपा हो, लेकिन उसे हर स्तर पर बाहर लाने की कोशिश की जानी चाहिए।
महंत नरेंद्र गिरि की मौत के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाना चाहिए। इस मौत की गुत्थी हर किसी के लिए विचारणीय है। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद भी मौत की वजह सामने न आने से मर्माहत नजर आए। गद्दी संभालने के बाद मठ के नए महंत बलवीर गिरि ने भी इस मौत का सच सामने लाए जाने की बात कही।
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Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि के षोडसी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-महात्मा पहुंचे।
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षोडशी भंडारे में हजारों संतों-अनुयायियों ने लगाया भोग
षोडशी भंडारे में जहां भांति-भांति के व्यंजन अतिथि सत्कार के लिए परोसे गए, वहीं दोनों हाथों से खुलकर दक्षिणा भी खूब दी गई। संतों के कद के हिसाब सेे आसन लगे और दक्षिणा भी उसी लिहाज से अर्पित की गई। महंत नरेंद्र गिरि के षोडशी भंडारे के लिए तरह-तरह के व्यंजन तैयार किए गए। मटर पनीर के अलावा खीर महंत उनको बहुत ही पसंद थी, इसलिए इन व्यंजनों को भंडारे में खास तौर से शामिल किया गया। इसके अलावा खास्ता कचौरी, पूड़ी, पुलाव, हलवा, रसगुल्ला, रायता और अन्य मिठाइयां भी थालियों में सजाई गईं। दिन के एक बजे भंडारा शुरू हुआ।
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Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि के षोडशी कार्यक्रम पर देश भर से साधु-महात्मा पहुंचे।
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मठ के सभागार, अतिथिगृह परिसर से लेकर विचारानंद वेद विद्यालय तक पांत लगी। इस दौरान सबसे पहली पांच अखाड़ों के महामंडलेश्वरों, पीठाधीश्वरों, महंतों की लगी। इस दौरान निरंजनी अखाड़े के पदाधिकारी लगातार अतिथि सत्कार में जुटे रहे। भंडारे में भोग लगाने के साथ ही दक्षिणा भी दी जाती रही। महामंडलेश्वरों को अमेरिकन टूरिस्टर अटैची में दान की वस्तुएं दी गईं। इस दौरान साधु-संतों ने महंत नरेंद्र गिरि के मोक्ष के लिए प्रार्थना भी की।
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Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी में महंत बलवीर गिरि की विधि विधान से ताजपोशी हुई।
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भंडारे में महामंडलेश्वर सती गिरि, महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि, महंत देवानंद, डॉ अन्नपूर्णा भारती, निर्मल अखाड़े के सचिव महंत ज्ञानेंद्र सिंह, टीकरमाफी मठ के स्वामी हरि चैतन्य ब्रह्मचारी, विद्यानंद सरस्वती, गजानंद गिरि, राधे गिरि, राजे गिरि, केशव पुरी, शंकराचार्य ट्रस्ट के अध्यक्ष आनंद स्वरूप, वाल्मीकि आश्रम चित्रकूट के कुटिलानंद, राष्ट्रीय कोतवाल भैरव दास समेत सैकड़ों संत शामिल थे।
Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी में महंत बलवीर गिरि की विधि विधान से ताजपोशी हुई।
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महंत नरेंद्र गिरि की मौत आत्महत्या की घटना: रवींद्र पुरी
निरंजनी अखाड़े के सचिव रवींद्र पुरी ने मंगलवार को षोडशी के मौके पर महंत नरेंद्र गिरि के आत्महत्या करने का दावा किया। उन्होंने कहा कि उनके मोबाइल का वीडियो भी आ गया है।इसके अलावा सुसाइड नोट के हस्ताक्षर और बैंक खातों के दस्तखत भी मैच कर गए हैं। इतना ही नहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी दम घुटने से मौत होने की बात आई है। ऐसे में अब इसे हत्या का मामला बताकर तूल नहीं दिया जाना चाहिए।