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ऑक्सीजन संकट: अस्पताल में नहीं मिला बेड, ऑटो में पति को मुंह से सांस देती रही पत्नी, नहीं बचा पाई जान

Sat, 24 Apr 2021 02:42 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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ऑटो में बीमार पति को लेकर बैठी महिला - फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत के बीच आगरा से दिल को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। शुक्रवार को दोपहर करीब एक बजे एक महिला अपने बीमार पति को ऑटो में लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंची। पति को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। पत्नी अपने मुंह से पति को ऑक्सीजन देने का प्रयास कर रही थी। लाख जतन के बाद भी वह पति की जान नहीं बचा पाई। 
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पति को मुंह से सांस देती रेनू सिंघल - फोटो : अमर उजाला
आवास विकास सेक्टर-सात निवासी रवि सिंघल (47 वर्ष) की तबीयत खराब हो गई। सांस लेने में तकलीफ होने लगी। इस पर पत्नी रेनू सिंघल परिजनों के साथ रवि को लेकर श्रीराम हॉस्पिटल, साकेत हॉस्पिटल और केजी नर्सिंग होम पहुंचीं। बेड खाली न होने से मरीज को कहीं भर्ती नहीं किया गया
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रेनू सिंघल - फोटो : अमर उजाला
आखिरकार रेनू सिंघल ऑटो में बीमार पति को लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। रास्ते में वह पति को बार-बार मुंह से सांस देने का प्रयास कर रही थी। एसएन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने देखने के बाद मृत घोषित कर दिया। रेनू को जैसे सुनकर विश्वास नहीं हुआ। उनके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। 

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एसएन के बाहर ऑटो में बैठे गोविंद प्रसाद गर्ग और उनकी पत्नी - फोटो : अमर उजाला
एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचे खतैना निवासी गोविंद प्रसाद गर्ग (70 वर्ष) को भर्ती नहीं किया गया। इन्हें बुखार आ रहा था। सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। विभव नगर निवासी राजकुमार को पेट में तकलीफ थी। इन्हें भी भर्ती नहीं किया गया। वहां से निराश लौटना पड़ा। बताया कि गंभीर मरीजों को ही इमरजेंसी में भर्ती किया जा रहा है
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ऑटो में मरीज संतोष और उसकी पत्नी - फोटो : अमर उजाला
रुनकता के संतोष को परिजन ऑटो से लेकर दोपहर साढ़े तीन बजे प्रभा हॉस्पिटल पहुंचे। संतोष को उल्टी, दस्त के साथ सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। आधे घंटे तक परिजनों ने हॉस्पिटल में भर्ती कराने का प्रयास किया, लेकिन बेड खाली न होने का हवाला देकर उन्हें भर्ती नहीं किया गया। 
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एसएन मेडिकल कॉलेज के टैंक में भरी गई ऑक्सीजन - फोटो : अमर उजाला
ऑक्सीजन संकट के कारण 34 निजी कोविड अस्पतालों में गंभीर मरीजों के लिए जीवन रक्षक उपकरण भी उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। 34 कोविड अस्पतालों में हाई फ्लो ऑक्सीजन गैस नहीं मिलने से 350 से अधिक नेजल कैनुला, बाईपेप, वेंटिलेटर बंद हो गए हैं। मरीज को सीधे सिलिंडर से ऑक्सीजन दी जा रही है।
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