माता-पिता के साथ कांची सिंघल
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आगरा की ही कांची सिंघल ने भी 223वीं रैंक हासिल कर अपनी जगह पक्की कर ली है। कमला नगर में रहने वाली कांची सिंघल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा के लिए छात्र-छात्राएं लक्ष्य तो बना लेते हैं, लेकिन उसे पूरा करने के लिए लगन और धैर्य की भी जरूरत है। कई बार सफल नहीं होते, इसका मतलब ये नहीं कि हार मान लें। तीसरी बार में उन्होंने यूपीएससी में सफलता मिली है।