फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra Shops Collapse: दो भाइयों की मौत...एक साथ उठीं अर्थियां, परिवार में मच गया चीत्कार; सदमे में घरवाले

Mon, 07 Apr 2025 12:53 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आवास विकास सेक्टर-7 में दुकानें ढहने से दो सगे भाइयों की जान चली गई। दोनों की एक साथ जब घर से अर्थियां उठीं, तो चीत्कार मच गया। इस हादसे के बाद पूरा परिवार सदमे में है। 
 
विज्ञापन
1 of 5
मलबे में दबे लोगों को निकालते हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
आगरा के आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-7 में पांच दुकानों के ढहने से मलबे में दबकर दो सगे भाइयों की मौत हो गई। रात में पोस्टमार्टम के बाद रविवार की सुबह दोनों भाइयों की अर्थियां एक साथ उठीं तो परिवार में चीत्कार मच गया। गमगीन माहौल में कैलाश मोक्षधाम में अंतिम संस्कार किया गया।

आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-3 में पांच भाइयों के अलग-अलग घर हैं। हादसे में जान गंवाने वाले विष्णु उपाध्याय प्रापर्टी डीलर थे। उनके परिवार में पत्नी रेखा, बेटे राहुल और रोहित हैं। घर के ही एक हिस्से में बांके बिहारी नाम से मिनी बाजार चलाते हैं। बेटी शिवानी पढ़ाई कर रही है।

ये भी पढ़ें -  जेल में फूट-फूटकर रोई निकिता: व्हाट्सएप चैट और वीडियो... कहां है मानव की पत्नी का फोन? मोबाइल से खुलेंगे राज


 
विज्ञापन

2 of 5
मलबे में दबे लोगों को निकालते हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
वहीं दूसरे मृतक किशनचंद उपाध्याय रेलवे से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी पत्नी मीना के अलावा बेटे सोनू का परिवार है। सोनू भी रेलवे में है। दोनों भाइयों की इस तरह हादसे में मौत से पूरा परिवार सदमे में है। दुकानें करीब 30 साल पुरानी थीं। हादसे के बाद पांच भाइयों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

ये भी पढ़ें -  UP: ब्राह्मणों पर की गई ऐसी टिप्पणी...खौल उठा खून, मंत्री के बेटे की फेसबुक आईडी से हुआ पोस्ट, बवाल का डर; पुलिस तैनात


 
विज्ञापन

3 of 5
मलबे में दबे लोगों को निकालते हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
हादसे में तीसरे भाई पुष्कर घायल हैं। उनका इलाज नर्सिंग होम में चल रहा है। परिवार के कुछ सदस्य उनकी तीमारदारी में लगे हैं। दूसरी ओर, अन्य घायलों को लोग एसएन अस्पताल में इलाज के बाद निजी अस्पतालों में ले गए। चिकित्सकों ने बताया कि सभी की हालत खतरे से बाहर है।

ये भी पढ़ें -  UP: मेटाडोर-रोडवेज के बीच पिस गई कार, कुचल गए दो युवक...मौत की ऐसी तस्वीरें, जिन्हें देख कांप जाएगा कलेजा


 

4 of 5
मलबे में दबे लोगों को निकालते हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
तीन माह पहले पौत्री की हुई थी मौत
परिजन के मुताबिक, तीन माह पहले किशनचंद के बेटे सोनू की पांच साल की बेटी छनक की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। परिवार कार से दर्शन करके लौट रहा था। कार का एक्सल टूटने से हादसा हुआ था। इस हादसे से परिवार उबर भी नहीं पाया था कि अब हादसे में दो मौत हो गई।

ये भी पढ़ें -  Agra Shops Collapse: मलबे से आ रही थीं कराहने की आवाजें, काउंटर और फ्रिज के बीच फंसे थे तीन लोग...ऐसे बची जान


 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मलबे में दबे लोगों को निकालते हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
मलबे में दबी दुकान, लाखों का नुकसान
हादसे में छोटे भाई त्रिलोकी की परचून की दुकान भी तहस-नहस हो गई। मलबे में कुछ बचा हुआ सामान समेट रहे त्रिलोकी ने बताया कि दुकान में हाल में सामान भरवाया था। लाखों का नुकसान हो गया। अब मलबे को हटवा रहे हैं। नए सिरे से सब कुछ शुरू करना पड़ेगा।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें