लॉकडाउन से पहले और लॉकडाउन के बाद ताजमहल की व्यवस्थाओं में काफी बदलाव आया है। 188 दिन की बंदी के बाद खुला ताजमहल डिजिटल और टच फ्री स्मारक बन गया है। ताजमहल में प्रवेश टिकट, गोल्फ कार्ट की टिकट डिजिटल और ऑनलाइन हो गई है, वहीं, थर्मल स्क्रीनिंग ऑटोमेटिक मशीन के जरिए हो रही है जिससे सैलानी मानवीय संपर्क से दूर हैं।
विज्ञापन
2 of 6
ताजमहल पर आए सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
शू कवर के लिए ऑटोमेटिक डिस्पेंसिंग मशीन मुख्य गुंबद के नीचे मस्जिद की ओर लगाई गई है। ताजमहल के दोनों फैसिलिटी सेंटर पर सीआईएसएफ टच फ्री सुरक्षा जांच कर रही है। पर्यटकों के पास मौजूद मोबाइल, कीचेन और मेटल की वस्तुओं को बाहर निकाल कर जांचा जा रहा है।
विज्ञापन
3 of 6
ताजमहल में पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल में तीसरे दिन पर्यटकों की संख्या में और इजाफा हुआ। बुधवार को 1927 पर्यटकों ने ताजमहल का दीदार किया। इनमें से 6 विदेशी पर्यटक और एक सार्क का था, जबकि 1920 भारतीय पर्यटकों ने ताजमहल निहारा। अन्य सात स्मारकों में सैलानियों की संख्या में कमी आई है। खासकर महताब बाग, फतेहपुर सीकरी और एत्माद्दौला में पर्यटक कम पहुंच रहे हैं।
4 of 6
ताजमहल में पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को 1927 सैलानी ताजमहल के दीदार के लिए पहुंचे। सोमवार को महज 1235 पर्यटकों ने ही ताजमहल देखा था लेकिन मंगलवार को इनकी संख्या 1707 हो गई और बुधवार को आंकड़ा 1927 हो गया। महज दो दिन के अंदर 60 फीसदी पर्यटक बढ़ गए। आगरा किला पर पर्यटकों की संख्या 281 बनी रही। ताजमहल खुलने से पहले महताब बाग में 300 से ज्यादा सैलानी पहुंच रहे थे, लेकिन अब इनकी संख्या 60 से 80 के बीच हो गई है।
विज्ञापन
5 of 6
ताजमहल को सैनिटाइज करता कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
संस्कृति मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक कोरोना संक्रमण से बचने के लिए बार-बार सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है। टिकट भुगतान को डिजिटल कर दिया गया है, वहीं मानवीय संपर्क कम से कम हो, यह व्यवस्था ताजमहल में की गई है, ताकि एक से दूसरे में संक्रमण न फैल पाए। वसंत कुमार स्वर्णकार, अधीक्षण पुरातत्वविद, एएसआई