इंटीग्रेटेड प्रस्ताव मंजूर होने पर एसएन मेडिकल कॉलेज करीब 45 एकड़ में विस्तारित होगा। हृदय, किडनी, लिवर जैसी बीमारियों का विशेषज्ञों से इलाज मिलेगा। कैंसर, टीबी के मरीजों की अत्याधुनिक उपकरणों से बेहतर उपचार के साथ रक्त संबंधी जांच, एक्सरे-एमआरआई-सीटी स्कैन समेत अन्य जांच की भी उम्दा सुविधा मिलेगी। गंभीर मरीजों के उपचार के लिए दिल्ली नहीं दौड़ना पड़ेगा। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसएन 25 एकड़ जमीन पर बना है और लेडी लॉयल करीब 20 एकड़ में है। इन दोनों को मिलाकर एसएन नए सिरे से बनाया जाएगा। इसमें करीब सात से आठ बहुमंजिला इमारतें बनेंगी, जिसमें सभी विभागों को एक साथ स्थापित किया जाएगा। उच्च तकनीक के उपकरण, ऑपरेशन थिएटर, हॉस्टल, चिकित्सकों के आवास, पार्किंग समेत अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी। प्रस्तावित बहुमंजिला इमारतों को एक-दूसरे की छत से एयर कनेक्टविटी होगी। जिससे मरीजों को सीधे शिफ्ट करना भी आसान होगा। इंटीग्रेटेड योजना मंजूर होने से उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा के 35 जिलों के पांच लाख मरीजों को हर साल लाभ मिलेगा।