श्रीकृष्ण जन्मभूमि
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इतिहास के जानकार डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के प्रपौत्र बज्रनाभ ने अपने कुलदेवता की स्मृति में यहां मंदिर निर्माण कराया था। इसके प्रमाण यहां से मिले शिलालेखों पर मिले हैं। शोडास के राज्य में वसु नामक व्यक्ति ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर, उसके तोरण-द्वार और वेदिका का निर्माण कराया था। सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में 400 ईसवी में भी यहां मंदिर निर्माण कराया गया।