शरद पूर्णिमा पर ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज वर्ष में एक ही दिन बांसुरी, मोर मुकुट कट काछनी पोशाक हार तथा लकुटी आदि धारण कर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। सेवा अधिकारी बिट्टू गोस्वामी ने बताया कि 20 अक्तूबर को शरद पूर्णिमा वाले दिन ठाकुरजी का विशेष शृंगार होगा। सोने चांदी का शृंगार जयपुर में कारीगरों ने तैयार किया है। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी जी महाराज की सफेद पोशाक दिल्ली के चांदनी चौक में विशेष कारीगरों ने बनाई है। ठाकुर श्री राधा सनेह बिहारी जी एवं ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के सेवा अधिकारी करन कृष्ण गोस्वामी ने बताया की श्रीमद्भागवत में वर्णन के अनुसार शरद पूर्णिमा पर भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना किनारे गोपियों के साथ रात्रि वृंदावन में वंसीवट पर महारास किया था, इसलिए शरद पूर्णिमा वाले दिन ठाकुर श्रीबांकेबिहारी जी महाराज को शृंगार मोर मुकुट कट काछनी व बंसी धारण कराई जाती है। उस दिन ठाकुरजी को विशेष रूप से खीर एवं चंद्रकला का भोग चंद्रमा के दर्शन करने के पश्चात लगाया जाता है।