आगरा सदर के दस्तावेज लेखक एवं प्रापर्टी डीलर हरेश पचौरी हत्याकांड का खुलासा हो जाने का दावा पुलिस ने रविवार को किया। हत्याकांड की सुपारी देने वाले विष्णु प्रकाश रावत और रेकी करने वाले सुनील उर्फ सोनू रावत को गिरफ्तार किया है। नामजद विष्णु और भानु प्रताप मुदगल उर्फ बीपी हरेश के 1.80 करोड़ रुपये हड़प चुके थे। अब ताजगंज और सदर क्षेत्र में 20 करोड़ रुपये से अधिक की जमीनों पर कब्जे और वर्चस्व कायम करने के लिए हत्या करवाई। दस लाख की सुपारी शूटर सचिन कंजा को दी। हालांकि शूटर और बीपी मुदगल पुलिस के हाथ नहीं आ सके हैं।
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हरेश पचौरी हत्याकांड के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
सदर स्थित राजेश्वर मंदिर के बराबर में रहने वाले दस्तावेज लेखक और प्रापर्टी डीलर हरेश पचौरी की 19 दिसंबर को राजपुर चुंगी पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड को अंजाम दो शूटरों ने दिया था। इस मामले में मृतक के भतीजे राहुल पचौरी ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि बीपी और विष्णु जमीन बेचने के नाम पर हरेश से 1.80 करोड़ रुपया लेकर हड़प चुपे थे। विष्णु प्रकाश रावत निवासी गांव कहरई और भानुप्रताप मुद्गल उर्फ बीपी निवासी नगला कली को नामजद किया था।
गोलीकांड का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। इसमें एक शूटर की पहचान हो गई थी। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि घटना के खुुलासे के लिए एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के नेतृत्व में थाना सदर की टीम को लगाया गया। रविवार को मुखबिर से सूचना मिली कि घटना में प्रकाश में आया अभियुक्त सुनील रावत उर्फ सोनू रावत ताजगंज स्थित सौ फुटा रोड पर मौजूद है। वह कहीं जाने की फिराक में है। पुलिस ने सुनील को पकड़ लिया। बाद में रोहता से विष्णु प्रकाश रावत को पकड़ लिया गया।
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घटनास्थल पर पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
दस लाख रुपये में किया था जान का सौदा
सुनील ने पुुलिस की पूछताछ में बताया कि हत्या की सुपारी निबोहरा के चमरौली निवासी शूटर सचिन कंजा और अशोक उर्फ आकाश यादव को दी थी। दस लाख रुपये देना तय हुआ था। सचिन कंजा को एडवांस में पांच लाख रुपये दिए थे। सुपारी के साथ सचिन कंजा ने तय किया था कि जो जमीन मिलेगी उसमें दस प्रतिशत की उसकी भी हिस्सेदारी होगी। एक महीने से प्लान बना रहे थे। सचिन हाल में ताजगंज में रह रहा था।
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हरेश पचौरी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
जमीनों के सौदों पर बीपी और हरेश में ठन गई थी
सुनील ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि गायत्री रिट्रीट में जमीन का सौदा हुआ था। इसके लिए उसके चाचा विष्णु प्रकाश रावत ने पार्टनरों के साथ समझौता किया था। मगर, यह समझौता हरेश पचौरी ने लागू नहीं होने दिया। इस जमीन की कीमत तकरीबन 20 करोड़ रुपये है। इस कारण विष्णु प्रकाश रावत ने हरेश पचौरी की बैंक कालोनी में 1.65 करोड़ रुपये के सौदे को पूरा नहीं होने दिया। इस पर बीपी और हरेश के बीच ठन गई। बाद में हाथापाई हो गई थी। इस दौरान फायरिंग भी हुई थी।
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एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद
- फोटो : अमर उजाला
भानु और विष्णु लेकर आए थे मोबाइल और असलाह
सुनील ने पुलिस को बताया कि वह हरेश पचौरी का मामा कहता था। घर भी आना जाना था। उसे पता था कि कोई उस पर शक भी नहीं करेगा। हत्या के लिए विष्णु प्रकाश रावत, भानुप्रताप मुदगल, सचिन कंजा और आकाश कई बार मिले और योजना बनाई। भानु और विष्णु ने दो मोबाइल, दो सिम और असलाह की व्यवस्था की। सचिन और सुनील को मोबाइल और सिम दे दिए। योजना के तहत सुनील ने हरेश पचौरी के घर जाकर प्लाट की खरीद के बारे में बात की। विष्णु प्रकाश रावत पर धोखाधड़ी के आठ मुकदमे दर्ज हैं।
एक और हत्या की ली थी सुपारी
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि सचिन कंजा ने हरेश के साथ ही एक और हत्या की सुपारी ली थी। जिसकी हत्या करनी थी वह भी सदर क्षेत्र के रहने वाले हैं। प्रमुख व्यक्ति हैं। पुलिस ने अब उक्त व्यक्ति को अपनी सुरक्षा के लिए अलर्ट कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि बीपी और सचिन की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है।