दीदार-ए-ताज के दौरान कभी ताज के गुंबद पर लगे कलश तो सेंट्रल टैंक की डायना सीट पर फोटो खिंचवाकर यादें सहेजने वाले फोटोग्राफर 14 माह से ताजमहल बंद होने के कारण अब रोजी रोटी के लिए परेशान हैं। इनको अभी तक सरकारी राहत नहीं मिली है। स्मारकों पर 500 से ज्यादा फोटोग्राफर हैं। ऐसे में फोटोग्राफरों ने अपनी रोजी रोटी चलाने के लिए काम धंधा बदल लिया। कोई अब टैक्सी चला रहा है तो किसी ने दवाओं की दुकान पर काम शुरू किया है। फोटोग्राफरों ने ताजमहल पर फोटोग्राफी का लाइसेंस लिया था, लेकिन कोरोना काल में जब ताजमहल बंद हुआ तो परिवार का भरण पोषण करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान कोई टैक्सी चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा है। तो कोई दवा की दुकान पर काम कर रहा है।
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बेरोजगार हुए फोटोग्राफर्स
- फोटो : अमर उजाला
बेरोजगारी भत्ता देने की मांग
स्मारकों के फोटोग्राफर ताजमहल समेत सभी स्मारक बंद होने के बाद से परेशान हैं। 14 माह से ताजमहल बंद है, इसलिए संस्कृति मंत्रालय हमारी लाइसेंस फीस को माफ करे। केंद्र सरकार से बेरोजगारी भत्ता देने की मांग कर रहे हैं। सर्वोत्तम सिंह, अध्यक्ष, पुरातत्व स्मारक फोटोग्राफर एसो.
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ताजमहल परिसर में पसरा सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
घर नहीं चला तो ट्रेड बदलना पड़ा
14 माह से काम ठप पड़ा है। बीच में ताजमहल खुला भी तो काम ही नहीं था। विदेशी पर्यटकों के न आने के कारण ताज पर काम करके भी घर नहीं चला तो ट्रेड बदलना पड़ा। अब दवा की दुकान पर काम करके जरूरतें पूरी कर रहे हैं। योगेश शर्मा, फोटोग्राफर, ताजमहल
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बंद ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
किसी में भी रियायत नहीं मिल रही
ताजमहल बंद होने के बाद दोबारा खुला भी तो पर्यटक ही नहीं थे। मजबूरी में काम बदलना पड़ा। अब टैक्सी चला रहा हूं। बच्चों की स्कूल फीस, बिजली बिल, हाउस टैक्स किसी में भी तो रियायत नहीं मिली। -सुनील झा, फोटोग्राफर, ताजमहल
188 दिन बंद था ताजमहल
गौरतलब है कि पिछले साल 2020 में जब कोरोना संक्रमण फैला था, उस समय 188 दिनों तक ताजमहल बंद रहा था। पिछले साल फोटोग्राफर्स के सामने आर्थिक संकट खड़ा हुआ था।