कॉलोनी की महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
मोमबत्ती की रोशनी में बना रहे खाना
मोमबत्ती की रोशनी में खाना बनाना पड़ रहा है। मोबाइल चार्ज करने दस किमी दूर जाना पड़ता है। कोई सुनवाई नहीं हो रही। - ज्योति लांबा
पानी के लिए भी तरसे
मैं दिल की मरीज हूं। दवाइयां चल रही हैं। 18 दिन से घर में बिजली नहीं। बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए हैं। बीमार का मरना है। - एलिना पॉल
दूसरों की गलती की सजा भुगत रहे
जिन लोगों के बिल जमा हैं उनका क्या कसूर है। उनकी बिजली तो चालू हो। सोसायटी में कुछ लोगों की गलती की सजा सभी भुगत रहे हैं। - अनीता शर्मा
बिना बिजली परेशान
आज के इस दौर में कोई बिना बिजली के कैसे रह सकता है। मैं सांस की मरीज हूं। बीमार रहती हूं। बिना बिजली के बहुत परेशानी है। - विजया कुशवाह
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