सुलहकुल की रवायत को शिद्दत के साथ निभाते हुए ताजमहल के शहर आगरा ने एक बार फिर अमन का पैगाम दिया। अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद शहर गंगा-जमुनी तहजीब के साथ अपनी रौ ही में चलता रहा। हिंदू-मुस्लिम ने गले मिलकर एक-दूसरे को बधाई दी। एहतियातन किए गए पुलिस प्रशासन के तमाम इंतजाम अपनी जगह थे, लेकिन आपसी भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द के साथ रहने वाले लोगों के बीच रिश्तों की डोर इतनी मजबूत है कि फिजा में घुली मिठास एक पल के लिए भी कम नहीं हुई।
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फोर्स के साथ फ्लैग मार्च करते पुलिस के आला अफसर
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार की रात ही शहर को छावनी बना दिया गया था। शनिवार सुबह से हूटर बजाती पुलिस की गाड़ियां दौड़ने लगीं तो लोगों के मन में कुछ सवाल आए। दुकानदारों में कुछ हिचक दिखाई दी। नजरें टीवी पर लगीं थीं, लेकिन जैसे ही सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया, वैसे ही बाजार खुलते चले गए। जिन इलाकों को पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील की श्रेणी में रखा था, वहां आम दिनों की तरह ही चहल-पहल रही। मंटोला में सदर भट्टी, मीरा हुसैनी में दोपहर को ट्रैफिक जाम की स्थिति रही।
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पुलिस रही मुस्तैद
- फोटो : अमर उजाला
सदर भट्टी : पुलिस तैनात, बाजार में रौनक
सुबह सात बजे ही पुलिस तैनात कर दी गई थी। 11 बजे बाजार खुल गए। चौराहे पर 50 दुकानें हैं। बेड़ई की दुकान पर आम दिनों की तरह भीड़ लगी थी। पेंट कारोबारी राजू ने बताया कि दो दिन पहले ही बाजार ने मीटिंग कर तय कर लिया था कि अमन पर आंच नहीं आने दी जाएगी।
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मंटोला की दो तस्वीरें
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मंटोला तिराहा : फैसले पर चर्चा, अमन का पैगाम
दोपहर 12 बजे इदरीश की दुकान पर 15- 20 लोग बैठे थे। अयोध्या के फैसले पर चर्चा चल रही थी। हिंदुस्तान बिरादरी के सिराज कुरैशी भी आ गए। थोड़ी देर में नंदलाल भारती भी पहुंच गए। सब ने एक सुर में कहा कि झगड़े में कुछ नहीं रखा, हमें अपने रोजगार और बच्चों की पढ़ाई लिखाई के बारे में सोचना है, इसी में सबकी भलाई है।
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सड़कों पर रही चहल पहल
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वजीरपुरा: दोपहर एक बजे तक सन्नाटा, फिर लौटी रौनक
सुबह 11 बजे एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद पहुंचे थे। इंस्पेक्टर हरीपर्वत थाना अजय कौशल मोहल्ले के ठीक सामने पुलिस बल के साथ तैनात रहे। दोपहर एक बजे तक इक्का-दुक्का दुकान ही खुलीं थीं। इसके बाद सब सामान्य हो गई। दोपहर की नमाज के बाद रौनक लौट आई।
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बाजारों में रही रौनक
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तेलीपाड़ा : चप्पे-चप्पे पर पुलिस, बाजार खुले
दस दिन पहले हुए बवाल में घायल युवक की मौत के बाद शुक्रवार को तनाव बन गया था। इस कारण यहां पुलिस और पीएसी तैनात की गई। दोपहर 12 बजे एसएसपी बबलू कुमार और डीएम एनजी रवि कुमार पहुंचे। बाजार खुले थे। चहल पहल भी थी। गली के मोड़ पर लोगों की भीड़ जमा थी। चर्चा फैसले पर चल रही थी।
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नहीं खुला अस्थायी जेल का ताला
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एहतियात के तौर पर प्रशासन ने हरीपर्वत स्थित क्वीन विक्टोरिया इंटर कॉलेज और एमडी जैन कॉलेज को अस्थायी जेल बनाया गया था। लेकिन इनमें एक भी खुराफाती को बंद करने की नौबत नहीं आई। और तो और सिपाही और मजिस्ट्रेट तक इन जेल में नहीं पहुंचे। सुबह से शाम तक एक भी जेल का ताला ही नहीं खुला।
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ताजमहल पर पर्यटक
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अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले और बाद में सैलानियों पर कोई असर नहीं रहा। जितने सैलानी हर वीकेंड पर दीदार ए ताज के लिए आते हैं, उतने ही इस बार भी शनिवार को आए। ताज की कशिश उन्हें खींच लाई। चेहरे पर न कोई शिकन और न कोई तनाव। पर्यटकों ने बेफिक्री से एतिहासिक स्मारकों का भ्रमण किया। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शनिवार को 35 हजार से अधिक पर्यटक ताजनगरी में आए। न सिर्फ ताजमहल बल्कि आगरा किला, अकबर टूम, एत्माद्दौला आदि का दीदार किया।
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कमांड सेंटर से निगरानी
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शहर में इतनी शांति रही कि प्रशासन को इंटरनेट सेवाएं बंद करने की जरूरत ही महसूस नहीं हुई। शुक्रवार को एसएसपी बबलू कुमार ने कहा था कि शनिवार सुबह से इंटरनेट बंद कर दिया जाएगा लेकिन फैसला आने के बाद जब देखा कि सोशल मीडिया से कोई दिक्कत ही नहीं है, तो डीएम एनजी रवि कुमार ने इसका आदेश जारी नहीं किया। व्हाट्स एप और फेसबुक पर लोगों ने प्रतिक्रिया में शांति की अपील ही की।
मंदिरों में अमन की दुआ हो, और मस्जिदों में शांति के लिए प्रार्थना... सुलहकुल की नगरी के लोग यही चाहते हैं। शनिवार को धर्मस्थलों में ऐसी ही भाव नजर आए। क्या मंदिर, क्या मस्जिद, सभी जगह अमन और शांति के लिए प्रार्थना की गई। मंदिर और मस्जिदों में आम दिनों की तरह ही भीड़ भी रही।