मानसून की चाल इस बार उलट गई है। जो इलाके पानी के लिए तरस रहे थे, वहां झमाझम बारिश के साथ औसत को भी पार कर गई, जबकि आगरा समेत सूबे के पांच शहरों में सूखा पड़ गया है। आगरा, इटावा, नोएडा, गाजियाबाद और ललितपुर शहरों में सामान्य से 82 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है, जबकि रेगिस्तानी इलाके जैसलमेर में सामान्य से 130 फीसदी तक ज्यादा बारिश रिकार्ड की जा चुकी है। केवल जैसलमेर नहीं, बल्कि राजस्थान के कई शहरों में सामान्य से ज्यादा बारिश अब तक हो चुकी है और आगरा बारिश के लिए तरस रहा है। आगरा से रूठे मानसूनी बादलों के कारण फसलें सूखने के कगार पर हैं। राजस्थान में रेत के टीलों वाले शहरों में मानसून मेहरबान रहा है। बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर जैसे शहरों में ज्यादा बारिश हो चुकी है, जबकि आगरा, इटावा नोएडा जैसे शहरों में मानसून की तय तारीख से अब तक बेहद कम बारिश हुई। 17 जुलाई तक जितनी बारिश हो जानी चाहिए थी, उतनी बारिश छोड़िए, 82 फीसदी तक की कमी हो चुकी है।