मेरे लाल का बदन बुरी तरह तप रहा है। आंख भी सही ढंग से नहीं खोल पा रहा है। डॉक्टर साहब... मेरे लाल को भर्ती कर लो। कुछ ऐसी ही दर्द भरी गुहार महिलाएं डॉक्टरों से लगाती दिख रही हैं। सौ शैय्या अस्पताल में बीमार बच्चों को भर्ती कराने के लिए परिजन बेबस व लाचार नजर आ रहे हैं। झलकारी नगर निवासी मां रजनेश के डेढ़ माह के पुत्र की बीते सोमवार को बुखार से मौत हो गई थी। एक बच्चे की मौत पर मां के आंसू नहीं सूख पाए थे दूसरा बच्चा विवेक पुत्र प्रदीप भी बुखार से तपने के साथ उल्टी और पेट दर्द से कराह रहा था। मां रजनेश विवेक को सौ शैय्या अस्पताल लेकर पहुंची तो डॉक्टर ने रक्त जांच कराने को कह दिया। जांच रिपोर्ट शाम तक आने के बाद ही भर्ती करने को कहा।