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मां की दर्द भरी पुकार: मेरे लाल का बदन तप रहा है, भर्ती कर लो डॉक्टर साहब... एक बेटा खोने के बाद दूसरे को बचाने की गुहार

Wed, 08 Sep 2021 03:09 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
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फिरोजाबाद: मां रजनेश अपने बीमार बच्चे के साथ अस्पताल में - फोटो : अमर उजाला
मेरे लाल का बदन बुरी तरह तप रहा है। आंख भी सही ढंग से नहीं खोल पा रहा है। डॉक्टर साहब... मेरे लाल को भर्ती कर लो। कुछ ऐसी ही दर्द भरी गुहार महिलाएं डॉक्टरों से लगाती दिख रही हैं। सौ शैय्या अस्पताल में बीमार बच्चों को भर्ती कराने के लिए परिजन बेबस व लाचार नजर आ रहे हैं। झलकारी नगर निवासी मां रजनेश के डेढ़ माह के पुत्र की बीते सोमवार को बुखार से मौत हो गई थी। एक बच्चे की मौत पर मां के आंसू नहीं सूख पाए थे दूसरा बच्चा विवेक पुत्र प्रदीप भी बुखार से तपने के साथ उल्टी और पेट दर्द से कराह रहा था। मां रजनेश विवेक को सौ शैय्या अस्पताल लेकर पहुंची तो डॉक्टर ने रक्त जांच कराने को कह दिया। जांच रिपोर्ट शाम तक आने के बाद ही भर्ती करने को कहा।
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फिरोजाबाद सीडीओ ने देखा अस्पताल का हाल - फोटो : अमर उजाला
मां रजनेश अपने बच्चे को लेकर सौ शैय्या अस्पताल के सामने लगे टैंट में बैठी रही। रोती, बिलखती मां बच्चे का बुखार उतारने के लिए पानी की पट्टी रखती रही। रतनेश ने बताया कि पहला बच्चा सोमवार को खत्म हो गया है। दूसरे बीमार बच्चे को भर्ती कराने के लिए लाए तो डॉक्टर ने रिपोर्ट आने तक भर्ती न करने को कह दिया। रिपोर्ट आने तक यूं ही इंतजार करते रहेंगे। 
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फिरोजाबाद: अस्पताल की बेंच पर बैठे मरीज और तीमारदार - फोटो : अमर उजाला
दूसरा मामला जाटऊ से रेफर किए सनी पुत्र संतोष निवासी दौलतपुर का है। सनी को गंभीर हालत बताकर सुबह 10 बजे से जाटऊ से एंबुलेंस में रेफर किया था। वह भी टैंट में रिपोर्ट आने के इंतजार में अपने परिजनों के साथ लेटा था। श्रीरामगढ़ी निवासी अतुल कुमार पुत्र बलवीर सिंह भी सौ शैय्या अस्पताल के अंदर बेंच पर लेटा था। मां ठंडे पानी की पट्टी रखकर बुखार उतार रही थी। अतुल ने बताया कि हमने निजी अस्पताल में पैथोलॉजी पर जांच कराई तो एक लाख प्लेटलेट्स आई है। निजी चिकित्सक ने सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया तो यहां डॉक्टर इस जांच को नहीं मान रहे हैं। वह अस्पताल में ही दूसरी जांच करा रहे हैं। 

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फिरोजाबाद: अस्पतालों में लगातार आ रहे मरीज - फोटो : अमर उजाला
छुट्टी कर दी फाइल ले ली
संतोष नगर निवासी निमित पुत्र शिवराज सिंह को भी तेज बुखार था। निमित की मां ने बताया कि बच्चा तीन दिन से सौ शैय्या असपताल में भर्ती है। डॉक्टर साहब ने सुबह आठ बजे बच्चे की छुट्टी कर दी और एडमिट फाइल ले ली। मगर बच्चे को तेज बुखार है।
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फिरोजाबाद के अस्पताल में मरीजों के जांच करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
हम जांच के बाद ही मरीजों को भर्ती कर रहे हैं। यदि किसी की गंभीरवस्था होती है तो उसे भर्ती कराकर इलाज शुरू कर दिया जाता है। बाद में उसकी रिपोर्ट आने पर उसके अनुसार इलाज करते हैं। - डॉ. एलके गुप्ता, बाल रोग विभागाध्यक्ष

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