फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mainpuri UP Chunav: सियासत की पहली पाठशाला में फेल हुईं थीं डिंपल, 'धरतीपुत्र' की ताकत भी न दिला सकी थी जीत

Mon, 14 Nov 2022 04:06 PM IST
धीरेन्द्र सिंह दीपक जैन, फिरोजाबाद
विज्ञापन
1 of 5
डिंपल यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव - फोटो : फाइल फोटो
Mainpuri Bypoll SP Candidate: चूड़ियों के शहर फिरोजाबाद से मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू डिंपल यादव ने सियासत की जमीन पर पहला कदम रखा था। उनके लिए राजनीति की यह पहली पाठशाला थी। तब वह अपने पति अखिलेश यादव की सियासी जमीन को बचाने के लिए चुनावी समर में कूदी थीं और अब अपने ससुर की राजनीतिक विरासत को संभालने के लिए मैनपुरी से लोकसभा का उप चुनाव लड़ रही हैं। 2009 में भी उन्होंने फिरोजाबाद से लोकसभा का उप चुनाव ही लड़ा था। तब अखिलेश यादव ने फिरोजाबाद से इस्तीफा दे दिया था और कन्नौज की सीट अपने पास रखी थी। फिरोजाबाद से डिंपल को जिताने के लिए अखिलेश ने कड़ी मेहनत की थी। गलियों में जाकर वोट मांगे थे। चूंकि डिंपल अब पड़ोस के जनपद मैनपुरी से फिर से चुनावी समर में हैं तब उनकी पहली चुनावी पाठशाला से जुड़ी सियासत भी ताजा हो उठी है।

ये भी पढ़ें - Mainpuri By-Election 2022: डिंपल के नामांकन के बाद बोले अखिलेश- पूरा परिवार है साथ, बताया क्यों नहीं आए शिवपाल
 
विज्ञापन

2 of 5
शिवपाल सिंह यादव और मुलायम सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला

शिवपाल घूमे गांव-गांव, मुलायम भी आए थे 

मुलायम के परिवार की बहू के हार जाने की कसक शायद अब भी सैफई परिवार भूला नहीं है। 2009 के उप चुनाव ने डिंपल को जिताने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। क्योंकि उनका मुकाबला फ़िल्म अभिनेता राजबब्बर से था। बब्बर कांग्रेस से यहाँ से चुनाव लड़ रहे थे। 2009 के आम चुनाव में अखिलेश ने अपने चुनाव में इतनी मेहनत नहीं की थी जितनी डिंपल के लिए की थी। अखिलेश ने यहां कैंप कर लिया था। सपा के दिग्गज नेता मतदान तक यहाँ डेरा डाले रहे थे। खुद मुलायम सिंह डिंपल के लिए वोट मांगने आए थे जबकि शिवपाल गांव-गांव घूमते रहे थे। पूरी ताकत लगाने के बाद भी डिंपल यादव जब 84000 से अधिक वोटों से हारीं तो पूरा सैफई परिवार सदमे में आ गया था।
 
विज्ञापन

3 of 5
पूर्व सीएम अखिलेश यादव अपनी पत्नी डिंपल के साथ। - फोटो : अमर उजाला

हार की रार की गाज अमर सिंह पर गिरी थी 

डिंपल की राजनीतिक करियर की यह शुरुआत। उसमें अपने ही गढ़ में हार जाने की वजह के तमाम कारण बाद में गिनाए गए। अमर सिंह (तब सपा के राष्ट्रीय महासचिव थे)  से लेकर कई बड़े नेता अखिलेश के निशाने पर आ गए थे। तब डिंपल के चुनाव की कमान अमर सिंह के हाथों में थी। इस हार के बाद ही अमर सिंह से पार्टी ने किनारा कर लिया था।

4 of 5
डिंपल यादव - फोटो : अमर उजाला

मैनपुरी और फिरोजाबाद से लगातार सैफई परिवार पर दांव

फिरोजाबाद और मैनपुरी सीट से लगातार मुलायम के परिवार के ही सदस्य चुनाव लड़ते रहे हैं। यहां गौर करने वाली बात यह है कि 2009 में डिंपल फ़िरोज़ाबाद से हार गईं थी। 2014 का चुनाव इसी परिवार के अक्षय यादव जीते थे। वहीं 2019 का चुनाव अक्षय और मुलायम के छोटे भाई शिवपाल यादव हारे थे। हालांकि मैनपुरी सीट से सपा लगातार जीतती रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डिंपल यादव (फाइल फोटो) - फोटो : social media

फिरोजाबाद-2009 के उप चुनाव में मिले वोट

राजबब्बर (कांग्रेस) - 312728
डिंपल यादव (सपा) - 227781
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें