लाडलीजी अपने महल में स्वर्ण-रजत हिंडोले में हरियाली तीज को झूला झूलेंगीं। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार भक्त अपनी आराध्या के झूले में दर्शन नहीं कर पाएंगे। श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं हो सकेगा। परंपरागत समाज गायन के लिए भी समाजियों की संख्या निश्चित की गई है।
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इसी हिंडोले में विराजेंगी राधारानी
- फोटो : अमर उजाला
हरियाली तीज को बरसाना स्थित ब्रह्मांचल पर्वत पर विराजमान लाडलीजी मंदिर में स्वर्ण-रजत हिंडोले में झूला दर्शनों का आयोजन किया जाएगा। लाड़लीजी मंदिर में 13 दिवसीय झूलनोत्सव के लिए प्रशासन ने सशर्त मंजूरी दी है।
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मंदिर राधारानी
- फोटो : अमर उजाला
उपजिलाधिकारी राहुल यादव ने बताया कि प्राचीन परंपरा की गरिमा को देखते हुए मंदिर सेवायतों व मंदिर प्रबंधन को भीड़ न करने के साथ परंपरा निभाने की मंजूरी दी है। इस दौरान मंदिर को जाने वाले रास्तों पर पुलिस तैनात रहेगी।
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मंदिर बरसाना राधारानी
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर में आयोजित होने वाले समाज में गायन के दौरान 10 से 20 समाजी ही बैठ सकते हैं। सेवायत छोटे गोस्वामी, मंत्री बाबू गोस्वामी, उमाशंकर गोस्वामी, ब्रजेंद्र गोस्वामी ने बताया 23 जुलाई हरियाली तीज को सुबह आठ बजे राधारानी के विग्रह को गर्भ गृह से बाहर जगमोहन में स्वर्ण रजत हिंडोले में विराजमान कर दोपहर 2 बजे तक झूला झुलाया जाएगा।
ब्रह्मांचल पर्वत पर स्थित प्राचीन मोरकुटी स्थल
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार शाम पांच बजे मंदिर परिसर में राधारानी को डोला में विराजमान कर शोभायात्रा निकाली जाएगी। शाम सात बजे मंदिर परिसर में सेवायत पुजारी की शादी-शुदा लड़की राधारानी की विशेष आरती करेगी।