इस बार प्रभु श्रीराम की बरात में कई आकर्षण के केंद्र होंगे। पर्यावरण और नदियों के संरक्षण के लिए जागरूक करने वाली झांकियां दिखाई देंगी। वहीं, हाल ही में जम्मू-कश्मीर से हटाई गई धारा 370 पर आधारित झांकी निकालने पर मंथन किया जा रहा है। इतना ही नहीं, इस बार श्रीराम बरात में रोड भी देखने को मिलेंगे। जनकपुरी महोत्सव समिति के मीडिया प्रभारी राहुल गौतम ने बताया कि मयूर नृत्य के साथ ही बरसाने की होली लुभाएगी। फूलों की होली की मनोहारी दृश्य दर्शकों को सहर्ष आकर्षित करेगा।
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जनकपुरी की तैयारियां करता कारीगर
- फोटो : अमर उजाला
निर्भय नगर में सजाई जा रही जनकपुरी के मंच पर 25 से 28 सितंबर तक भारतीय लोकनृत्य और संगीत से सजी सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी, जिनमें भगवान श्रीराम पर आधारित नृत्य और बृज की संस्कृति की झलक नजर आएगी। प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजे गए आगरा, लखनऊ, वृंदावन और जयपुर के कलाकार जनकपुरी के मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे।
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जनकपुरी आयोजन का शिलान्यास करते मेयर नवीन जैन
- फोटो : अमर उजाला
जनकपुरी आयोजन से महज 6 दिन पहले निर्भय नगर में विकास कार्यों का शिलान्यास मेयर नवीन जैन ने किया। श्रीराम के उद्घोष के बीच मेयर ने जनक मंच के सामने मंत्रोच्चारण और विधि विधान से पूजन कर विकास कार्यों का औपचारिक शिलान्यास किया। मेयर नवीन जैन ने कहा कि 25 सितंबर से पहले ही सभी काम पूरी गुणवत्ता के साथ पूरे कर लिए जाएंगे। मशीनों के कारण काम तेजी से होगा। लोग विकास कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखें। अगर कोई काम मानकों पर पूरा न हो तो सीधे मुझे शिकायत करें।
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राम बारात (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
श्रीराम बरात में कितने बैंड, कितनी झांकी, कितने रोड शो होंगे, इन सब पर 23 सितंबर की रात को मोहर लगेगी। इनका क्रम भी उसी दिन तय होगा। इस बीच रजिस्ट्रेशन कराने का सिलसिला चलेगा।
रामलीला मैदान में आकाशवाणी लीला का मंचन
- फोटो : अमर उजाला
रामलीला मैदान में गुरुवार को आकाशवाणी लीला का मंचन किया गया। मंच पर कलाकारों ने लीला में दर्शाया कि रावण के अत्याचार से दुखी होकर पृथ्वी माता का गो रूप धारण करके ऋषि, मुनियों व देवताओं के साथ क्षीर सागर में भगवान विष्णु से प्रार्थना करना, देवताओं व पृथ्वी की प्रार्थना पर भगवान विष्णु का प्रसन्न होकर राजा दशरथ के यहां जन्म लेने की प्रतिज्ञा करना और आकाशवाणी का होना। निर्देशन नीरज चतुर्वेदी ने किया।