ताजमहल के रॉयल गेट पर रेड सैंड स्टोन प्लेटफार्म पर लगी लोहे की रेलिंग हटाई जा सकती है। इसकी जगह एएसआई लाल पत्थर से बनाए गए प्लेटफार्म पर फूलों वाले गमले रखवा सकता है।
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ताजमहल पर लगाई गई लाल पत्थरों की एक बेंच
- फोटो : अमर उजाला
रॉयल गेट पर गुरुवार को एएसआई ने गमलों के लिए प्लेटफार्म बनाकर देखा। हालांकि अभी अधिकारियों ने इसे हरी झंडी नहीं दी है। ट्रायल के तौर पर यहां गमलों को रखवाकर देखा जाएगा। पर्यटकों को कोई परेशानी न हो और उनके आवागमन में कोई बाधा न हो, यह देखकर ही यहां गमलों को रखवाया जाएगा।
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ताजमहल परिसर में रखे गमले (फाइल फोटो)
- फोटो : Amar Ujala
ट्रप के दौरे पर लगाए थे गमले
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्नी मेलानिया के साथ विगत वर्ष फरवरी में ताजमहल का दीदार किया था। ट्रंप और मेलानिया ताजमहल में वही रंग और घूमने की आजादी महसूस कर पाए थे जैसी 40 साल पहले 1980 में थी। ट्रंप-मेलानिया के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने वक्त का पहिया घुमा दिया था। सैलानियों की भीड़ के कारण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने जो इंतजाम किए थे, ट्रंप के लिए वह सभी हटा दिए गए।
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ताजमहल (फाइल फोटो)
- फोटो : Amar Ujala
हटा दी थी रेलिंग
ताजमहल के मुख्य गुंबद, चमेली फर्श, रॉयल गेट पर रेलिंग हटा दी गई, ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति को घूमने के दौरान परेशानी न हो। ताज के मुख्य गुंबद में शाहजहां-मुमताज की कब्रों को मडपैक से चमका दिया गया, जिससे वह 40 साल पहले की तरह दमकने लगी है। ताजमहल में चारों ओर लगी संगमरमरी जाली साफ की गई है तो अंदर दीवारों की ओर लगी रेलिंग भी हटवा दी गई।
फूलों की खुशबू के साथ किया था ताज का दीदार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जब ताजमहल की पहली झलक रॉयल गेट के रेड सैंड स्टोन प्लेटफार्म से दिखी तो फूलों की सुंगध के बीच वो और मेलानिया थे। ताज पर 1980 के दशक में इस प्लेटफार्म पर फूलों के गमले रखे जाते थे, लेकिन भीड़ बढ़ने पर उन्हें हटवा दिया गया था।