फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उफान पर नदियां: खतरे के निशान पर बह रही चंबल, आगरा के 12 गांवों से कटा संपर्क, स्टीमर से शुरू हुई आवाजाही

Wed, 04 Aug 2021 12:08 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
चंबल नदी का जलस्तर देखते डीएम - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान व मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश से पिनाहट में चंबल खतरे के निशान पर बह रही है। 12 गांवों में बाढ़ जैसे हालात बनने से संपर्क कट गया है। रास्ते जलमग्न हो गए हैं। पांच गांवों में आवाजाही बंद है। बुधवार को डीएम प्रभु एन सिंह ने प्रभावित गांवों में हालातों का जायजा लिया। गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा, मऊ की मढ़ैया और गुढ़ा गांव में स्टीमर से आवाजाही शुरू कराई है। बरसात में नदियां उफान पर हैं। शहर में यमुना लाल निशान से तीन कदम दूर बह रही है। मंगलवार को वाटरवर्क्स पर जलस्तर 492 फीट पहुंच गया। 495 फीट लो फ्लड लेवल है। यमुना उफनने से दयालबाग, मोहनपुर, खासपुर, बाईपुर मुस्तकिल समेत एक दर्जन गांव में खेत पानी में डूब गए हैं। गोकुल बैराज से रिकार्ड 49281 क्यूसेक पानी आगरा की ओर यमुना में छोड़ा गया है। 
विज्ञापन

2 of 5
चंबल नदी - फोटो : अमर उजाला
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक ताजेवाला (हथिनीकुंड) बैराज से 12 हजार क्यूसेक और ओखला बैराज से 24850 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज है। यमुना में जलस्तर बढ़ने से फतेहाबाद, बाह में तलहटी में बसे गांव प्रभावित हैं। आगरा में लो फ्लड लेवल 495 फीट है। शहर में यमुना तटवर्ती 40 गांव हैं। जबकि फतेहाबाद और बाह में 55 गांवों में अलर्ट है।
विज्ञापन

3 of 5
चंबल नदी के पुल पर पहुंचे अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
133 मीटर हो सकता है जलस्तर
चंबल से धौलपुर और पिनाहट में हालात चिंताजनक हो गए हैं। धौलपुर में यमुना खतरे के निशान से 11 मीटर ऊपर बह रही है। यहां 130 मीटर पर लाल निशान है। मंगलवार शाम 4 बजे धौलपुर में चंबल का जलस्तर 141 मीटर पहुंच गया है। पिनाहट में चंबल 129 मीटर पर पहुंच गई है। 130 मीटर पर खतरे का निशान है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक बुधवार तक पिनाहट में चंबल लाल निशान से तीन मीटर ऊपर 133 मीटर तक पहुंच सकती है।

4 of 5
उफान पर बह रही चंबल नदी - फोटो : अमर उजाला
एडीएम-एसडीएम ने संभाला मोर्चा
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह मंगलवार दोपहर 12 बजे पिनाहट के गहरा गांव पहुंचे। जिन गांव में चंबल का पानी भरने से रास्ते बंद हो गए हैं वहां स्टीमर से आवाजाही शुरू कराई है। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि एडीएम वित्त एवं राजस्व और एसडीएम को प्रभावित गांव में 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं। राजस्व टीमें सक्रिय हैं। प्रभावित ग्रामीणों को ऊंचे स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। स्थिति बेकाबू होते ही ग्रामीणों को विस्थापित किया जा सकता है। प्रभावित गांव में एडीएम व एसडीएम ने राजस्व टीमों के साथ आपदा प्रबंधन के लिए मोर्चा संभाल लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
चंबल नदी में बढ़ता पानी - फोटो : अमर उजाला
38 गांवों में हो रहा रतजगा
चंबल क्षेत्र में 38 गांवों में चंबल ने नींद उड़ा दी हैं। इन गांवों में मंगलवार को रतजगा होता रहा। रात में कोई नहीं सोया। रास्तों पर जलभराव शुरू हो गया है। झरना पुरा, पुरा डाल, जेबरा, डगोरा, उमरैठा पुरा, क्योरी, रेहा आदि गांवों से रास्ते डूब गए हैं। धांधू पुरा, पुरा भगवान, मुकुटपुरा, हरलाल पुरा, उमरैठा, क्यारी, बरहा, सिमराई गांवों के फसलें जलमग्न हो गईं। प्रशासन ने एहितियात के तौर पर प्रभावित गांव में बाढ़ चौकियां शुरू कर दी हैं।

श्री पारस अस्पताल दमघोंटू मॉकड्रिल: आईएमए ने भी माना, 26 अप्रैल को हुई 10 मरीजों की मौत
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें