मरीज की जानकारी देते तीमारदार
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सुल्तान सिंह कहते हैं जिला प्रशासन का ध्यान शहर में है,गांव में बुखार से बच्चों की मौत हो रही है कोई सुन नहीं रहा है। शिवांक (छह),हिमांशु (एक वर्ष) की मौत हो गई। सुरेंद्र के घर में कई बीमार है। गांव में अंदर प्रवेश किया तो ग्रामीणों ने कहा कोई घर ऐसा नहीं बचा जहां बीमारों की खटिया नहीं पड़ी हो। नगला गोकुल निवासी रामेश्वरदयाल की पौत्री दीक्षा (12)प्रियंका (18), पौत्र पवन (15),धेवती नैना (डेढ वर्ष), सुनैना (तीन वर्ष) बीमार हैं। रामगोपाल के घर में रामवती (40),राजू (20),लवी (डेढ़ वर्ष),सुबोध यादव के घर में वह खुद बीमार होने के साथ सपना (23), मनमोहन (22),मीरा देवी (42) बुखार से पीड़ित है। पप्पू के घर में देवेंद्र (22),लवली (20), बबली (16),अरुणा (14) एवं सुजान सिंह के घर में संदीप (दस),रामवती (12),करिश्मा (सात) एवं जयकेश के घर में ममता (20), ब्रजेश (28), दीक्षा (चार), रूमा (21), पांचो देवी (40) व जयदयाल के घर में चार लोग बीमार है।