तीसरी लहर से बचाव की तैयारी में आठ निजी व नौ सरकारी समेत कुल 17 अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट की सुविधा की बात कही जा रही थी। लेकिन जिला अस्पताल, एसएन मेडिकल कॉलेज, मानसिक संस्थान और चार स्वास्थ्य केंद्र समेत 11 अस्पतालों में दूसरी लहर खत्म होने के एक महीने बाद भी ऑक्सीजन प्लांट अधूरे पड़े हुए हैं। कहीं पाइपलाइन नहीं बिछी तो कहीं सिविल व बिजली के काम अधूरे हैं। कहीं प्लांट में लगने वालेउपकरण मिलने में देर हो रही हैं, तो कई प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो सके हैं। जिला प्रशासन दावा कर रहा है कि जुलाई तक जिला अस्पताल, लेडी लॉयल, एसएन में नए प्लांट से मरीजों के लिए ऑक्सीजन सप्लाई शुरू हो जाएगी। जिले में हवा से ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिलिंग के दो प्लांट हैं। छह निजी अस्पतालों ने स्वयं के खर्चे पर प्लांट लगाए हैं। इनके अलावा 11 अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं।