घड़ियालों के घर चंबल में पहुंचे कार्मोरेंट (जलकाग) पक्षी पर्यटकों का आकर्षण बने हुए है। ये जल में गोता लगाकर अपना शिकार पकड़ते है। जैसे ही मछली पकड़ में आती है, उसे ऊपर उछाल देते हैं और फिर इसे सीधा निगल जाते है। पानी को चीरते हुए उड़ान भरते हैं। पर्यटकों में कार्मोरेंट का यह अंदाज कैमरे में कैद करने की होड़ सी रहती है। पेरू, मिश्र, कोरिया, जापान आदि मुल्कों से चंबल का रुख करने वाले जलकाग ने नदी के किनारे की झाड़ियों, टापू पर घोंसले बनाए हैं। एक बार जहां घोंसला बना दिया, वहां एक जोड़ा सालों तक दोबारा आता रहता है। मादा पक्षी तीन से पांच अंडे देती हैं। इनका रंग नीले, हरे और चूने के जैसा होता है। दोनों मिलकर चूजों को पालते हैं। अंडों से चूजे निकलने के बाद नर व मादा अपने गले से तरल पदार्थ खिलाते हैं।