ताजमहल के 500 मीटर दायरे में रहने वाले दो लाख लोगों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए प्रशासन ने प्रतिबंध लगा रखे हैं। ताजगंज के लोगों को वाहन पास इस बार जारी नहीं किए जा रहे। 13 सितंबर को डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में फरमान जारी किया गया कि ताज के 500 मीटर में जिनके पास पार्किंग नहीं, उन्हें वाहन पास जारी नहीं होंगे, जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में स्थानीय निवासियों को वाहन पास जारी करने का आदेश है और पार्किंग की कोई शर्त कोर्ट के आदेश में नहीं है। दूसरी तरफ ताज के 500 मीटर के अंदर कार्यक्रम, समारोह कर अफसर बार बार आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं।
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जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
ताज व्यू कन्सर्ट पर डीएम से मांगी रिपोर्ट
महताब बाग स्थित ताज व्यू प्वाइंट पर एडीए द्वारा आयोजित सांस्कृतिक आयोजन में प्रतिबंधित परिधि के उल्लंघन मामले में कमिश्नर अमित गुप्ता ने डीएम प्रभु एन सिंह को जांच के आदेश दिए हैं। 500 मीटर परिधि व पर्यावरण नुकसान के सम्बंध में रिपोर्ट मांगी गई है। कमिश्नर अमित गुप्ता ने बताया डीएम से जांच कराई जा रही है। उसके बाद निर्णय लिया जाएगा। आगरा विकास प्राधिकरण ने ताजमहल के पीछे महताब बाग में ताज व्यू प्वाइंट के प्रचार के लिए गीत संगीत व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया था। सुप्रीम कोर्ट ने 500 मीटर परिधि में कार्यक्रम पर रोक लगा रखी है।
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आगरा: ताजमहल के पास हुआ कार्यक्रम
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ताजगंज में लोगों को ये आ रही मुश्किलें
ताज के 500 मीटर के अंदर रहने वाले लोगों के साथ यहां से नगला पैमा, जालमा समेत 15 से ज्यादा कॉलोनियों का रास्ता भी है। डीजल, पेट्रोल के वाहनों पर रोक के कारण निवासियों को पास जारी किए गए हैं। बाहरी वाहनों को अस्थाई पास के जरिए कुछ समय के लिए प्रवेश मिलता है, लेकिन इस बार आरटीओ ने वाहन पास जारी करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने प्रशासन की रोक का हवाला दिया। वहीं पुरानी मंडी पर बैरियर लगाने का यहां के निवासियों ने विरोध किया है।
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ताजमहल में पर्यटक
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सुप्रीम कोर्ट ने पार्किंग होने पर कार का पास देने का कोई आदेश नहीं दिया, पर अधिकारी उसमें अड़ंगा अड़ा रहे हैं। लोगों की सुविधा के लिए जो आदेश हैं, उन्हें मानते नहीं, पर अपने मनोरंजन के लिए कोर्ट का कोई आदेश नहीं मानते। ताहिरुद्दीन, ताजगंज
हम लोग परेशान हैं। रिश्तेदार कैसे आएंगे, उनके वाहन ही नहीं आने देंगे। रोजमर्रा का सामान तक नहीं ला पा रहे। पुरानी मंडी पर बैरियर लगाकर मनमाने तरीके से परेशान किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने हमारा उत्पीड़न करने का आदेश कब दिया है। आरिफ तैमूरी, ताजगंज
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ताजमहल पर सैलानी
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दो बार अवमानना के केस में तलब किये जा चुके कमिश्नर
ताज ट्रिपेजियम जोन में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न करने और गैस इकाइयों के मामले में आदेशों के उल्लंघन पर तत्कालीन कमिश्नर और टीटीजेड अथारिटी चेयरमैन के राममोहन राव को दो बार तलब किया जा चुका है। नेशनल चैंबर की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तीन साल पहले तत्कालीन कमिश्नर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के आदेश दिए थे। कोर्ट के उस आदेश के बाद पूरी प्रदेश सरकार में हड़कंप मच गया था। मुख्य सचिव ने तत्कालीन कमिश्नर को लखनऊ बुलाया और उसके बाद उनका तबादला कर दिया गया था।
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आगरा विकास प्राधिकरण
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एडीए को रोकना पड़ी आगरा आई, सस्पेंशन ब्रिज योजना
ठीक 11 साल पहले आगरा विकास प्राधिकरण के तत्कालीन उपाध्यक्ष तनवीर जफर अली महताब बाग से सटी जमीन पर लंदन आई की तर्ज पर आगरा आई और दशहरा घाट से महताब बाग के बीच सस्पेंशन ब्रिज की योजना लेकर आए थे। आगरा आई और ब्रिज की इस योजना को उन्होंने जैसे ही प्रचारित किया तो सुप्रीम कोर्ट के 500 मीटर प्रतिबंध की याद दिलाई गई। तब तक मामला लखनऊ में तत्कालीन मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी तक जा पहुंचा। शासन की फटकार के बाद एडीए उपाध्यक्ष को अपनी दोनों योजनाओं को निरस्त करना पड़ा।
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ताजमहल में पर्यटक
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रुकवाई जा चुकी फिल्मों की शूटिंग
सुप्रीम कोर्ट के 500 मीटर में जनरेटर, वाहन, प्रदूषण समेत कार्यक्रमों पर प्रतिबंध के आदेश का उल्लंघन बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग के दौरान हो चुका है। अभिनेता अमिताभ बच्चन की फिल्म बंटी और बबली में वाहनों को ताज की तलहटी में ले जाने पर जुर्माना और फिर रोक लगाई गई थी। इसी तरह फतेहपुर सीकरी में फिल्म परदेश की शूटिंग के दौरान पंचमहल परिसर में शूटिंग के भारी उपकरणों से स्मारक के पत्थर क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिस पर निर्माता निर्देशक सुभाष घई पर एएसआई ने जुर्माना लगाया था। तब तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी जुर्माना और कार्रवाई रोकने के लिए प्रयास करते रहे थे।
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महताब बाग से ताजमहल का नजारा
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सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में लाएंगे अवमानना का मामला: एमसी मेहता
ताजमहल मामलों के याचिकाकर्ता अधिवक्ता एमसी मेहता ने आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा ताजमहल के 500 मीटर दायरे में किए गए कांसर्ट को बेहद गंभीर करार दिया है। बृहस्पतिवार दोपहर में आगरा के कई लोगों ने उन्हें फोटो और वीडियो भेज दिए थे, जिसके बाद उन्होंने यान्नी शो के बाद दिए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन पर स्थानीय प्रशासन, टीटीजेड अथॉरिटी और एएसआई की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। एमसी मेहता ने फोन पर अमर उजाला से कहा कि वह एडीए के कार्यक्रम के सभी तथ्यों और फोटो, वीडियो का अध्ययन कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा अदालत के आदेश के उल्लंघन का मामला गंभीर है। अध्ययन के बाद उन्हें लगा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना की गई है तो वह इसे अदालत के संज्ञान में लाएंगे। उन्होंने आगरा में मौजूद लोगों से इस संबंध में पूरी जानकारी जुटाई है।
सुप्रीम कोर्ट भेजी आदेश की अवमानना की शिकायत
आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा ताजमहल के 500 मीटर दायरे में ताज व्यू प्वाइंट पर किए गए कांसर्ट के वीडियो और फोटो सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को भेजे गए हैं। ताजनगरी के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में ताज मामले के याचिकाकर्ता एमसी मेहता को भी यह वीडियो भेजने के साथ अवमानना का केस दायर करने के लिए चर्चा की है। यान्नी के शो के बाद सुप्रीम कोर्ट ने ताज के 500 मीटर दायरे के बाहर भी अनुमति लेकर और पर्यावरण पर आंकलन की रिपोर्ट के बाद ही कार्यक्रम कराने के निर्देश दिए थे। ताज व्यू प्वाइंट ताज से महज 315 मीटर दूर है।