इससे बाद संगत से धर्म सिंह, हिम्मत सिंह, मोहकम सिंह और साहिब सिंह ने अपना सिर कटवाने के लिए गुरु जी के साथ तंबू के पीछे गए।थोड़ी देर के बाद इन्ही पांच लोगों के साथ गुरु जी भी ठीक उसी प्रकार की वेशभूषा में बाहर निकले। यह वही पांच नौजवान थे, जिन्होंने कुछ देर पहले ही गुरु गोबिंद सिंह के कहने पर अपने सिर की कुर्बानी दी थी। इसके बाद सिख धर्म के हर आयोजन की गतिविधियों की देख रेख इन्हीं पंच प्यारों के हाथों में सौंपी गई। सिख धर्म के हर पर्व में गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी के आगे इन पंच प्यारों को जगह दी जाती है।