शरद पूर्णिमा या कोजागरी पूर्णिमा के अवसर को माता लक्ष्मी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।आश्विन मास की शरद पूर्णिमा इस वर्ष 19 अक्तूबर को मनाई जाएगी। कोजागरी पूजा को भारत के अधिकांश हिस्सों में शरद पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है। पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और असम में, देवी लक्ष्मी की पूजा करने का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। यह अश्विन मास के शुक्ल पक्ष में पूर्णिमा के दिन पड़ता है। भारत में ज्यादातर लोग दिवाली के दौरान अमावस्या तिथि पर देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं; परन्तु, पूर्णिमा तिथि पर लक्ष्मी पूजा अश्विन के महीने में की जाती है और इसे कोजागरी पूजा के रूप में जाना जाता है। यह भी माना जाता है कि नवविवाहित जोड़े के लिए यह अवसर बहुत महत्व रखता है। इस पवित्र अवसर पर उपवास रखते हैं। शाम को की जाने वाली भव्य पूजा में देवता को भोग और प्रसाद चढ़ाया जाता है।