फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तो इन आठ कारणों से भाद्र कृष्ण अष्टमी को जन्मे श्री कृष्ण

Fri, 26 Aug 2016 12:55 PM IST
राकेश्ा झा / टीम डिजिट, अमर उजाला, दिल्ली।
विज्ञापन
1 of 8
कृष्‍ण काल‌िय
भगवान श्री कृष्‍ण का जन्‍म भाद्रपद महीने की कृष्‍ण पक्ष में अष्टमी त‌िथ‌ि को वृष लग्न में हुआ माना जाता है। इस त‌िथ‌ि में श्री कृष्‍ण के जन्म के पीछे कई राज छुपे हैं ज‌िसे श्री कृष्‍ण के प्रत‌ि व‌िशेष आस्‍था रखने वाले भक्त ही जान और समझ सकते हैं।
विज्ञापन

तो इन आठ कारणों से भाद्र कृष्‍ण अष्टमी को जन्मे श्री कृष्‍ण

2 of 8
व‌िष्‍णु
व‌िष्‍णु पुराण के पंचम अंश के प्रथम अध्याय में श्री कृष्‍ण के जन्म की कथा का उल्लेख क‌िया गया है। इसमें बताया गया है क‌ि कंस के अत्याचार और क्षत्र‌ियों के बलोन्मत्त होकर सृष्ट‌ि व‌िरुद्ध कार्य करने की वजह से पृथ्वी पर पाप का भार बढ़ता जा रहा था। ऐसे में सभी देवी देवताओं ने भगवान व‌िष्‍णु की आराधाना की ज‌िससे भगवान प्रगट हुए और ब्रह्मा जी के सामने अपने श्याम और श्वते दो बालों को उखाड़कर कहा क‌ि पृथ्वी पर पाप का भार कम करने के उद्देश्य से मेरे श्याम बाल से भाद्र कृष्‍ण अष्टमी त‌िथ‌ि को श्याम श्री कृष्‍ण अवतार लेंगे। सफेद बाल से बलराम जी का जन्म हुआ।
विज्ञापन

तो इन आठ कारणों से भाद्र कृष्‍ण अष्टमी को जन्मे श्री कृष्‍ण

3 of 8
जनमाष्टमी
ज्योत‌िषशास्‍त्र के अनुसार कृष्‍ण पक्ष में जन्म लेने वाले व्यक्त‌ि में आमतौर पर चोरी करने का स्वभाव होता है। श्री कृष्‍ण को अपनी लीला में माखन चोरी का खेल खेलना था और ज्‍योत‌िष की गणनाओं को भी सत्य करना था इसल‌िए कृष्‍ण पक्ष में श्री कृष्‍ण ने जन्म ल‌िया।

तो इन आठ कारणों से भाद्र कृष्‍ण अष्टमी को जन्मे श्री कृष्‍ण

4 of 8
जनमाष्टमी
भगवान श्री कृष्‍ण का जन्म भाद्र कृष्‍ण अष्टमी त‌िथ‌ि को होने का कारण यह भी था क‌ि उस समय सभी ग्रह अपनी उच्च राश‌ि में मौजूद थे। केवल राहु की स्‍थ‌ित‌ि अलग थी। यह ग्रह योग साफ इशारा कर रहे थे क‌ि ईश्वर ने मानव का रुप लेकर अवतार ल‌िया है।
विज्ञापन

तो इन आठ कारणों से भाद्र कृष्‍ण अष्टमी को जन्मे श्री कृष्‍ण

5 of 8
कृष्‍ण
भगवान श्री कृष्‍ण अपनी माता की आठवी संतान थे इनसे पहले 6 संतानों को कंस ने जन्म लेते ही मार डाला था। सांतवी संतान को योग व‌िद्या द्वारा देवकी के गर्भ से वसुदेव जी की पहली पत्नी रोह‌िणी ने अपने गर्भ में धारण कर ल‌िया था। भव‌िष्यवाणी हुई थी क‌ि देवकी की आठवीं संतान के हाथों कंश का वध होना था। इसल‌िए व‌िष्‍णु के आठवें अवतार के रूप में अष्टमी त‌िथ‌ि को देवकी की आठवीं संतान के रूप में श्री कृष्‍ण ने जन्म ल‌िया और कंश का वध क‌िया।
विज्ञापन

तो इन आठ कारणों से भाद्र कृष्‍ण अष्टमी को जन्मे श्री कृष्‍ण

6 of 8
कृष्‍ण
अष्टमी त‌िथ‌ि को कृष्‍ण के जन्म की एक अन्य वजह यह थी पूर्वजन्म में भगवान राम के रूप में इन्होंने कैकेयी को वरदान द‌िया था क‌ि वह अगले जन्म में पुत्र रूप में उनके गर्भ से जन्म लेकर कौशल्या के पास चले जाएंगे। माना जाता है क‌ि कौशल्या ने कृष्‍णावतार के समय यशोदा के रूप में जन्म ल‌िया था।
विज्ञापन

तो इन आठ कारणों से भाद्र कृष्‍ण अष्टमी को जन्मे श्री कृष्‍ण

7 of 8
कृष्‍ण
भगवान श्री कृष्‍ण ने देवकी के गर्भ से भाद्र कृष्‍ण अष्टमी त‌िथ‌ि को आठवीं संतान के रूप में जन्म ल‌िया इसके पीछे एक रहस्य यह था क‌ि पूर्वजन्म में जब कंस कालनेमी नाम का राक्षस था इसके 6 पुत्रों ने भगवान व‌िष्‍णु की उपासना की ज‌िससे इन्हें शाप म‌िला था क‌ि उनकी मृत्यु उनके प‌िता के हाथों होगी। कालनेमी के शाप‌ित पुत्रों ने देवकी के गर्भ से जन्म ल‌िया और कंश के हाथों मृत्यु प्राप्त क‌िया। देवकी के सातवें पुत्र के रूप में शेषनाग के अवतार बलराम जी का जन्म होना था इसल‌िए श्री कृष्‍ण ने आठवीं संतान के रूप में जन्म ल‌िया। 
विज्ञापन

तो इन आठ कारणों से भाद्र कृष्‍ण अष्टमी को जन्मे श्री कृष्‍ण

8 of 8
श्री कृष्‍ण
व‌िष्‍णु पुराण में बताया गया है क‌ि योगमाया ने भगवान व‌िष्‍णु से अनुरोध क‌िया क‌ि वह भाद्र कृष्‍ण अष्टमी त‌िथ‌ि को अवतार लें उसी त‌िथ‌ि में वह यशोदा के गर्भ से जन्म लेंगी और कंस का अंत करने की व्‍यवस्‍था करेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें