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Navratri 2021: इस तरह से करेंगे दुर्गा सप्तशती का पाठ तो आदिशक्ति की कृपा से होगा लाभ और मनोकामना पूर्ति

Fri, 08 Oct 2021 10:09 AM IST
शशि सिंह टीम धर्म, अमर उजाला
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नवरात्रि 2021
शक्ति की आराधना के दिन आरंभ हो चुके हैं । इन नौ दिनों तक भक्त माता को मनाने के लिए कई तरह से प्रयत्न करते हैं। इन नौं दिनों तक मां आदिशक्त के स्पुरुपों की पूजी की जाएगी। दुर्गासप्तशती का पाठ करना सदैव ही शुभ फलदायी रहता है लेकिन नवरात्रि के दिनों में नियमित रुप से दुर्गा सप्तशती का पाठ करना बहुत ही लाभकारी रहता है।  दुर्गा सप्तशती के पाठ से घर में नकात्मकता प्रवेश नहीं होता है और आपके जीवन में खुशहाली आती है। मां आदिशक्ति प्रसन्न हेती हैं और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करती हैं, लेकिन दुर्गासप्तशती का पाठ करते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए। जानते हैं कि किस तरह करना चाहिए दुर्गा सप्तशती का पाठ।
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नवरात्रि 2021
पाठ करने से पहले ध्यान रखें ये बात
यदि आप दुर्गा सप्तशती का पाठ करने जा रहे हैं तो सबसे पहले नवार्ण मंत्र, कवच, कीलक व अर्गला स्तोत्र का पाठ करना चाहिए, तत्पश्चात दुर्गा सप्तशती के पाठ का आरंभ करें। इस तरह से पाठ करने से पूर्ण फल की प्राप्ति होती है और मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं। 
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नवरात्रि 2021
तीन प्रकार से होता दुर्गा सप्तशती का पाठ
दुर्गा सप्तशती का पाठ तीन प्रकार से किया जाता है। पहला तेज आवाज में बोलकर, इसके बाद इतने मंद स्वर में कि जिसमें केवल होंठ के भीतर तक आवाज सीमित रहे। तीसरे प्रकार में पाठ मन ही मन में किया जाता है जिसमें होंठ भी नहीं हिलते हैं। इन तीनों में से सबसे पहले वाला तरीका उत्तम माना गया है। सप्तशती का पाठ करते समय ध्यान रखें कि उसमें लिखे मंत्रों का अर्थ भलिभांति समझना आवश्यक होता है, इसलिए पाठ को समझते हुए उसके अर्थ को जानते हुए ही पाठ करें। कभी भी दुर्गा सप्तशती के मंत्रो का मतलब समझे बगैर पाठ नहीं करना चाहिए। इससे आपको पाठ के पूर्ण फल की प्राप्ति नहीं होती है।

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नवरात्रि 2021
शब्दों का उच्चारण होना चाहिए स्पष्ट 
पाठ करते समय सबसे आवश्यक होता है कि शब्दों का उच्चारण सही और स्पष्ट होना चाहिए। कुछ लोग गाते हुए पाठ करते हैं तो वहीं कुछ लोग बहुत ही तेजी के साथ पाठ करते  हैं लेकिन शास्त्रों के अनुसार पाठ को मध्यम स्वर में आराम से समझते हुए पढ़ना चाहिए। शास्त्रों में शब्दों के दबाकर या फिर बिना उसके अर्थ को जाने पढ़ना निषेध बताया गया है। सही प्रकार से पाठ करने से मां भगवती प्रसन्न होती है और अपनी कृपा बरसाती हैं। 
 
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नवरात्रि 2021
हाथ में न पकड़े पुस्तक
अक्सर हम यदि कोई पाठ करते हैं तो पुस्तक को हाथ में ही पकड़े रहते हैं। यदि आप नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ कर रहे हैं तो इस बात को ध्यान में रखें कि पुस्तक को कभी हाथ में लेकर पाठ नहीं करना चाहिए बल्कि उसे किसी चौकी या फिर पुस्तक स्टैंड पर रखकर ही पढ़ना चाहिए। सही प्रकार से दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से ही पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।
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नवरात्रि 2021
पाठ करते हुए इन बातों का रखें विशेष ध्यान
नवरात्रि या फिर अन्य किसी भी दिन आप दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं तो इस दौरान बीच में रुकना नहीं चाहिए और न ही पाठ छोड़कर उठना चाहिए। बीच-बीच में बोलना नहीं चाहिए। दुर्गा सप्तशती में 13 अध्याय और तीन खंड हैं, प्रथम, मध्यम और उत्तर, यदि आप एक बार में पूरा पाठ नहीं कर पा रहे हैं तो आप एक बार में एक खंड का पाठ भी कर सकते हैं।



 
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नवरात्रि 2021
पाठ के अंत में रखें इन बातों का ध्यान
इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पाठ या फिर अध्याय समाप्त होने पर इति, समाप्त, या वध जैसे शब्दों के प्रयोग से बचना चाहिए। यह शुभ नहीं माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार इति का प्रयोग करने से धन-धान्य में कमी, वध का प्रयोग करने से कुल वृद्धि में बाधा, तो वहीं समाप्त का प्रयोग करने से स्वास्थ्य में कमी आती है।
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